इंटरसिटी स्टापेज़ को लेकर रेल पटरी पर बैठे आंदोलनकारी , लिखित आश्वासन के 5 घंटे बाद रेल यातायात हुई बहाल
रवि शुक्ला,सीधी
इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज एवं शंकरपुर–भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को भदौरा रेलवे स्टेशन के समीप रेल रोको, जेल भरो आंदोलन शुरू किया गया यह आंदोलन समाजसेवी आनंद सिंह (ददुआ) के नेतृत्व में शुरू हुआ इस जनआंदोलन के दौरान आक्रोशित लोगों ने एक मालगाड़ी को भी रोक दिया। देखते ही देखते हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग रेल की पटरियों पर बैठ गए और विरोध दर्ज कराने लगे।सुबह से ही स्टेशन क्षेत्र में भारी भीड़ जुटने लगी थी।आंदोलनकारियों का कहना था कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश और ठोस कार्रवाई चाहिए। आनंद सिंह (ददुआ) ने कहा कि वर्षों से इंटरसिटी स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की पदस्थापना और पैसेंजर ट्रेनों की बहाली की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार रेल प्रशासन ने जनता की अनदेखी की।रेल संघर्ष समिति ने बताया कि कोरोना काल में बंद की गई चार पैसेंजर ट्रेनें आज तक बहाल नहीं हुईं, जिससे गंभीर मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा और अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह केवल रेल सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा सवाल है।रेल रोको आंदोलन की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों द्वारा रेल यातायात व्यवस्था को बहाल करने के उद्देश्य से आंदोलन के ही दौरान कई बार आंदोलनकारियों को रेल पटरी से हटने की बात कही गयी लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और उनकी मांग थी की लिखित आश्वासन के बाद ही हम लोग आंदोलन को समाप्त करेंगे और अंततः पश्चिम मध्य रेल जबलपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ मधुर वर्मा द्वारा पत्र के माध्यम से शंकरपुर भदौरा स्टेशन मे गाड़ी संख्या 11651/52 इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव संबंधी प्रस्ताव की प्रक्रिया पूर्ण कर 30 दिनों के भीतर रेल्वे बोर्ड को भेज देने और रेल्वे बोर्ड से प्राप्त निर्देशों का अनुपालन करने का लिखित आश्वासन दिया गया जिसके बाद आंदोलनकारी आंदोलन को समाप्त किये जिसके बाद रेल यातायात व्यवस्था बहाल हो सका।आंदोलन के वजह से हावड़ा से जबलपुर की ओर जाने वाली शक्तिकुंज एक्सप्रेस और कटनी से बरगवा की ओर जाने वाली ट्रेन 4 घंटे देर से चल सकीं वहीं कई मालगाड़ियों के भी पहिये थमे रहे
सर्वदलीय आंदोलन मे ये रहे शामिल -
रेल रोको, जेल भरो सर्वदलीय आंदोलन मे आनंद सिंह ददुआ, जनपद अध्यक्ष श्यामबती सिंह, टोको रोको ठोको क्रन्तिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य शेषमणि पनिका,से.नि.डी ई ओ रणमत सिंह कांग्रेस नेता तिलकराज सिंह उइके,करुणासिंध परौहा,सामाजिक कार्यकर्ता शालिक द्विवेदी जनपद सदस्य मोनी प्रजापति,मजदूर संघ के नेता विकास नारायण तिवारी,डॉ रामधार साहू,श्रीकांत शुक्ला, इंद्रपाल शुक्ला, संजीव गुप्ता,रामजी जायसवाल,अनिल गुप्ता मोहन जायसवाल,रामगोपाल जायसवाल, इंद्रभान गुप्ता,एड.अमरेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता, महेश गुप्ता,भगवान दीन साकेत, युवराज गुप्ता, बुधसेन साकेत, सुरेश गुप्ता, कैलाश प्रजापति, रिंकू मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, राजेश मिश्रा मदन सिंह सुधीर मिश्रा, श्रीकांत साहू, मदन सिंह राजू केवट, गंगा केवट, रमेश प्रजापति, देवीदीन प्रजापति, राजा केवट,मिरू रावत, छोटेलाल रावत, प्रशांत गुप्ता, विनय गुप्ता, बाबूलाल केवट, संतोष शुक्ला,लालमन साकेत,शिवपाल साकेत,मोहम्मद करीम खान, गया प्रसाद साहू, महादेव साहू,राजेश तिवारी,मंधारी जायसवाल, बुद्धसेन जायसवाल सहित हजारों लोग उपस्थित थे।
प्रशासनिक एवं रेल अधिकारी रहे मौजूद -
आंदोलन स्थल पर कुसमी एस डी एम विकास कुमार आनंद,रेल्वे मंडल अभियंता ब्योहारी इंजी. जे पी पाठक,तहसीलदार नारायण सिंह, नायब तहसीलदार अमित द्विवेदी, थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी, थाना प्रभारी मड़वास के एस बघेल,यातायात प्रभारी भूपेश बैस, थाना प्रभारी भुईमाड़ गोपाल सिंह सहित रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या मे पुलिस बल मौजूद रहा।

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