किसान सम्मान निधि मोदी सरकार की कृषि विरोधी काले कानूनों का कलंक धोने की नाकाम कोशिश है -प्रदीप सिंह दीपू

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किसान सम्मान निधि मोदी सरकार की कृषि विरोधी काले कानूनों का कलंक धोने की नाकाम कोशिश है -प्रदीप सिंह दीपू



किसान सम्मान निधि मोदी सरकार की कृषि विरोधी काले कानूनों का कलंक धोने की नाकाम कोशिश है  -प्रदीप सिंह, दीपू

 
भाजपा सरकार के माथे पर लग चुका है 44 किसानों के खून का दाग -प्रदीप सिंह दीपू

 सीधी। 
केंद्र सरकार द्वारा 25 दिसंबर को बड़े-बड़े आयोजन करके वितरित किए गए किसान सम्मान निधि को कांग्रेस पार्टी ने नौटंकी बताते हुए जहां इसे मोदी सरकार द्वारा उद्योगपतियों के इशारे पर बनाए गए किसान विरोधी काले कानूनों के दाग को धोने की नाकाम कोशिश बताया है वही आंदोलन कर रहे किसानों को भ्रमित एवं गुमराह कर उनके आंदोलन को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश करार दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता प्रदीप सिंह दीपू ने जारी बयान में कहा है कि पिछले एक महीने से हाड पिघलाती और रूह कंपकपाती भीषण ठंड में देश का अन्नदाता किसान दिल्ली के दरवाजे पर न्याय की गुहार लगा  रहा है लेकिन उद्योगपतियों की हितैषी केंद्र की मोदी सरकार किसानों को न्याय देने के बजाय उनके साथ छल कपट कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक तक 44 से ज्यादा किसानों की शहादत हो चुकी है मगर पूजीपतियों की सेवक मोदी सरकार का दिल अभी भी नहीं पसीज रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को हटा दो और भगा दो कि नीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री टीवी पर सफाई और उनके मंत्री चिट्ठी की दुहाई देते हैं मगर उद्योगपतियों की पिछलग्गू मोदी सरकार देश के अन्नदाता किसानों के साथ दुश्मनी का व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि सच्चाई तो यह है कि मोदी सरकार राजनीतिक बेईमानी धूर्तता व प्रपंच का सहारा लेकर किसानों की समस्या का समाधान करने के बजाय उनके साथ साजिश एवं षड्यंत्र कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसान सम्मान निधि  की नौटंकी करने वाली यह वही भाजपा सरकार है जिसने किसानों के रास्ते में सड़कें खुदवाई हाड़ कंपा देने वाली भीषण ठंड में वाटर कैनल चलवाये और किसानों के सर पर लाठियां मरवाने वाली मोदी सरकार आज किसानों के संघर्ष एवं त्याग से भयभीत होकर उनके आंदोलन को कुचलने एवं कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर फूट डालने की कोशिश रही है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि स्थानांतरण भी भाजपा के  षड्यंत्र का एक हिस्सा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने आनन-फानन में 25 दिसंबर को कुछ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का स्थानांतरण कर उद्योगपतियों के कहने पर बनाए गए खेती विरोधी तीन काले कानूनों का दाग धोने की नाकाम कोशिश कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में खेती के लागत मूल्य में 15 हजार रुपए प्रति हेक्टर  की वृद्धि करके 2,36,701 करोड सालाना किसानों की जेब पर डाका डाल कर निकालती है और कुछ किसानों को मात्र ₹6000 प्रतिवर्ष किसान सम्मान निधि देकर खुद अपनी पीठ थपथपाती  है। डीजल में ₹25 प्रति लीटर  बढ़ाकर देश के इतिहास में पहली बार खाद पर 5% जीएसटी लगाकर कीटनाशक दवाइयों पर 18% जीएसटी लगाकर ट्रैक्टर एवं सभी कृषि उपकरणों पर 12% जीएसटी लगाकर डीएपी खाद का मूल्य 1075 रुपए प्रति बोरी से 1450 रुपए प्रति बोरी बढ़ाकर यूरिया खाद की बोरी का   वजन 50 किलोग्राम से 45 किलो ग्राम घटाकर तमाम उर्वरक कीटनाशक एवं कृषि से संबंधित समस्त आवश्यक वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि करके किसानों को बेरहमी से लूटने वाली मोदी सरकार आज किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश के तहत किसान सम्मान निधि का पाखंड कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रदीप सिंह ने कहा कि मोदी सरकार बहानेबाजी इवेंटबाजी छल कपट साजिश  षड्यंत्र एवं बेईमानी का सहारा छोड़कर तत्काल किसानों से माफी मांगे एवं  किसान विरोधी तीनों काले कानून वापस लेकर अपने पापों का प्रायश्चित करें।

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