MP TET Exam MCQs: प्रैक्टिस सेट:संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 परीक्षा में गणित पेडागोजी के संभावित प्रश्न


Q.1 कक्षा 1st और 2nd के गणित और अधिगम के लिए निम्रलिखित में से कौन सा सही है ?

(A) अभ्यास के लिए बहुत अधिक अवसर उपलब्ध कराये जाने चाहिए

(B) कक्षा 1st और 2nd में केवल गणित के मौखिक प्रश्नो को कराया जाना चाहिए

(C) गणित का अन्य विषयो जैसे की भाषा, कला इत्यादि से समाकलन किया जाना चाहिए

(D) कक्षा 1″ और 2nd में गणित नहीं पढ़ाया जाना चाहिए

Ans-(C)

Q.2 गणित के अधिगम के प्रति शिक्षार्थी कि संवेदनशीलता जाग्रत करने के लिए प्रभावी उपाय है

(A) विषय सामग्री को शिक्षार्थी के अनुभव के क्षेत्र से सम्बंधित करना

(B) जो पढ़ाया जाना है उससे सम्बन्धित प्राप्त पूर्व ज्ञान कि जाँच करना

(C) शिक्षार्थियों को अवधारणाओं के अनुप्रयोगों से अवगत करना, जिनमे दैनिक जीवन कि स्थितियों से सम्बन्धित अनुप्रयोगों को अधिक प्राथमिकता दी जाय

(D) ये सभी

Ans- (D)

Q.3 अंक गणित की 4 मूलभूत संक्रियाएँ है

(A) योग, भाषा, परिमाप और क्षेत्रफल ज्ञात करना

(B) परिकलन, संगणना, रचना करना और समीकरण वनाना

(C) योग, गुना, भिन्नो को दशमलव में बदलना और सम आकृतियों की रचना

(D) ना योग, व्यवकलन, गुणा और भाग

Ans-(D)

Q.4 गणित की कक्षा में सम्प्रेषण का उल्लेख किस क्षमता का विकास करना है ?

(A) दंड आरेख (बार ग्राफ) को देखकर आकड़ो का अर्थ लगाना

(B) कक्षा में पूछे गये प्रश्नो का तुरंत उत्तर देना

(C) गणित की समस्याओ पर दुसरो के विचारो का खण्डन करना

(D) गणितीय विचार को सुव्यवस्थित, संचित और स्पष्ट करना

Ans-(D)

Q.5 मूल्यांकन का निकटतम सम्बन्ध होता है.

(A) विषयवस्तु से

(B) मूल्यांकन प्रविधियों से

(C) उद्देश्यों से

(D) सीखने की क्रियाओ से

Ans- (C)

Q.6 निम्र में से कौन सी विधि ” देखो, सुनो और समझो के सिद्धान्त पर आधारित है ?

(A) प्रयोगशाला विधि

(B) प्रदर्शन विधि

(C) व्याख्यान विधि

(D) अनुसन्धान विधि

Ans- (B)

Q.7 किसी प्रमेय कि ‘परिकल्पना’ और ‘निष्कर्ष’ को परस्पर बदलने से प्राप्त कथन कहलाता है –

(A) प्रमेय का विलोम

(B) प्रमेय का प्रतिलोम

(C) प्रमेय का प्रतिधनात्मक

(D) कोई नहीं

Ans- (A)

Q.8 उपलब्धि परिक्षण एवं नैदानिक परिक्षण में अंतर है।

(A) उद्देश्यों का

(B) प्रकृति का

(C) कठिनाई स्तर का

(D) कोई नहीं

Ans- (A)

Q.9 एक शिक्षक को विषय वेलन तथा शंकु के आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल पढ़ाना है शिक्षण का कौशल प्राप्त उद्देश्य होगा–

(A) शिक्षार्थी एक वेलन और एक शंकु के अभिलक्षणो में भेद कर पाएगा 

(B) शिक्षार्थी एक वेलन और शंकु की आकृति वना पायेगा

(C) शिक्षार्थी वेलन तथा शंकु के आयतन व पृष्ठीय क्षेत्रफल परिकलित करने के सूत्रों का प्रत्यास्मरण कर पाएगा

(D) शिक्षार्थी शंकु की ऊंचाई ज्ञात कर पाएगा, जबकि यह शंकु किसी वेलन को पिघलाकर प्राप्त किया गया हो

Ans- (B)

Q.10 कक्षा 4th में सममिति और परावर्तन की ज्यामितीय संकल्पनाओं की वृद्धि के लिए निम्रलिखित में से कौन से व्यव्हार कौशल उपकरणों की आवश्यकता है?

(A) मोतियों की माला

(B) विंदु शीट (डॉट पेपर )

(C) गिनतारा

(D) द्विमुखी पटल (काटर)

Ans -(B)

Q.11 प्रिय गणितीय प्रश्न करने में निपुण है, उसमे किस प्रकार की हुबोद्धिकता की अधिकता है ?

(A) भाषायी बुद्धि

(B) तार्किक बुद्धि

(C) अंतर्वैयक्तिक बुद्धि

(D) मनोगत्यात्मक बुद्धि

Ans- (B)

Q.12 कक्षा Sth में गणित के पीरियड में यह वाद विवाद रखा गया ” शून्य सबसे अधिक प्रभावशाली संख्या है।

यह क्रियाकलाप बच्चे को प्रोत्साहित करता है 

(A) विश्लेषण और सम्प्रेषण में

(B) वे संख्याएँ लिखने में, जिनमे शून्य हो

(C) वे समस्याएँ हल करने में, जिन संख्याओं के अंत में शून्य हो 

(D) मित्रो को सहयोग देने में
Ans- (A)

Q.13 यदि एक शिक्षार्थी को संख्याओं और परिकलन में समस्या हो रही है, तो उसमे असमर्थता हो सकती है, जिसका नाम है

(A) लेखन- अक्षमता (डिसग्राफिया)

(B) गणितीय- अक्षमता (डिस्कैल्कूलिया) 

(C) दृश्य स्थानिक संगठन में असमर्थता 

(D) पठन- अक्षमता (डिस्लेक्सिया)

Ans- (B)

Q.14 प्राथमिक स्तर पर शिक्षार्थियों के लिए व्यावहारिक उपकरणों का महत्त्व है, क्योंकि यह बहुत मदद करते है

(A) मानसिक और मौखिक परिकलन की गति बढ़ाने के लिए 

(B) परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए

(C) मूल गणितीय संकल्पनाओं को समझने के लिए 

(D) शब्दों में व्यक्त समस्याओ को हल करने के लिए

Ans- (C)

Q.15 यदि एक शिक्षार्थी पूर्णाकों, भिन्नो, और दशमलव संख्याओं पर चारो आधारभूत संक्रियाएँ संपन्न करने में समर्थ है, तो वह

(A) विभाजनात्मक अवस्था में है
(B) उपादान अवस्था में है

(C) संक्रियात्मक अवस्था में है

(D) परिमाणात्मक अवस्था में है 

Ans – (C)