सीधी पुलिस की बड़ी कार्यवाही: कंटेनर में भरा अवैध गांजा रात के अँधेरे में पुलिस की घेराबंदी कर कंटेनर जब्त, दो तस्कर फरार
सीधी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविन्द श्रीवास्तव एवं एस.डी.ओ.पी. चुरहट श्री आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी अमिलिया निरीक्षक राकेश बैस के नेतृत्व में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत थाना अमिलिया पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
ऑपरेशन की शुरुआत
दिनांक 14/01/2026 की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक कंटेनर (HR38W2990) में बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा छिपाकर लाया जा रहा है, जिसे अमिलिया क्षेत्र में खपाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही टीम ने बिना देरी के रात में ऑपरेशन शुरू किया।
जंगल में रोमांचक पीछा
पुलिस टीम ने मूड़ा पहाड़ के पास घेराबंदी की, तभी पिपराही की ओर से आ रहा कंटेनर दिखाई दिया। पुलिस वाहन को देखकर कंटेनर चालक व उसका साथी केबिन का गेट खोलकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पहाड़ी जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने आवाज देकर रुकवाने व पीछा करने का प्रयास किया, परंतु घना पहाड़ी क्षेत्र होने से आरोपी फरार हो गए।
कंटेनर में भारी मात्रा में गांजा बरामद फरार होने पर पुलिस ने कंटेनर की तलाशी ली, जिसमें—
केबिन में छिपाकर रखी दो प्लास्टिक बोरियाँ मिलीं
बोरियों में 36 पैकेट, प्रत्येक लगभग 1-1 किलो वजन के
कुल शुद्ध वजन — 36.260 किलोग्राम
मादक पदार्थ की पहचान सूंघकर, घिसकर व भौतिक रूप से की गई जो अवैध गांजा पाया गया।
कुल जब्ती-जप्त सामग्री का मूल्य
गांजा 36.260 किग्रा- ₹5,43,900/-
कंटेनर HR38W2990- ₹30,00,000/-
ओप्पो मोबाइल- ₹12,000/-
कुल मूल्य-₹35,55,900/-
नेटवर्क की संभावना
वाहन हरियाणा पंजीकृत होने से अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क की संभावना प्रबल है। वाहन में मिली पर्ची में कई नाम व रकम अंकित पाई गई, जिनकी छानबीन जारी है। बरामद मोबाइल से भी तस्करी संबंधी वार्तालाप मिलने की आशंका है।
कार्रवाई जारी-फरार दोनों तस्करों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी हेतु —
आसपास के जिलों में अलर्ट,
संभावित रूट व hideouts की मॉनिटरिंग,
तकनीकी एवं फील्ड टीमों की तैनाती की गई है।
ऑपरेशन की सफलता
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश बैस, उप निरीक्षक इंद्राज सिंह, प्रधान आरक्षक विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह, आरक्षक रघुराज सिंह, बृजेश बेस एवं सतीश कुशवाहा की तीव्र तत्परता व साहसिक भूमिका सराहनीय रही।

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