फर्जी बिल के नाम पर उमरिया सरपंच-सचिव लगा रहे सरकार को चूना,हस्त लिखित बिल से लाखों राशि का कर लिए भुगतान
रवि शुक्ला,कुसमी
वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए शासन स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी सरपंच सचिव और जिम्मेदारों की मिलीभगत के सामने सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं पंचायतों में अनदेखी एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। पंचायत दर्पण पोर्टल पर अधिकांश पंचायतों के सरपंच-सचिवों ने फर्जी बिल-बाउचर अपलोड कर लाखों रुपए आहरित कर लिए जाते है। पंचायत पोर्टल पर लगाए गए बिलों का सत्यापन करने वाले कोई नहीं है। अगर है भी उसे नजर अंदाज कर दिया जाता है, हैरानी की बात तो यह कि पंचायतों के द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए बिल-बाउचर धुंधले लगाए जाते हैं तो कहीं हाथ से लिखी बिल अपलोड की जाती है
ऐसा ही मामला जनपद पंचायत कुसमी के ग्राम पंचायत उमरिया का प्रकाश में आया है। यहां मटेरियल खरीदी के नाम पर फर्जी और हाथ से लिखी बिल बाउचर लगाकर शासकीय राशि खुर्द-बुर्द की जा रही है,
हाथ से लिखी बिलों की आड़ में चल रहा खेल
ग्राम पंचायत उमरिया में पंचायत दर्पण में अपलोड किए जाने वाले कई ऐसे बिल हैं जो सरपंच और सचिव अपने हाथ से ट्रेडर्स का नाम और खाता नंबर लिखकर लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया,अगर ग्राम पंचायत उमरिया की सभी अपलोड बिलों को देखा जाए तो लाखों रुपए का भी हेर फेर का खुलासा हो सकता है फर्जी बिलो की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा बड़े पैमानें पर जारी है पंचायतों में किए गए विकास कार्यों के संबंध में पारदर्शिता के लिए पंचायत दर्पण एप पर कार्यों व बिलों की जानकारी अपलोड किया जाता हैं. ऐसे में ग्राम पंचायत उमरिया में भुगतान किए गए कई बिल हाथ से लिखी दिख रहे हैं।
ऐसे में पता नहीं चल रहा कि यह ट्रेडर्स कहां है क्या दे रहे हैं बिलों में पारदर्शिता नहीं होने से पंचायतों में हुए कार्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पंचायत दर्पण में अपलोड किए गए ये केवल कुछ बिल बाउचर है अगर सभी बिलों की पड़ताल की जाए तो लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है, आखिर ऊपर बैठे जिम्मेदार अधि इसको रोक क्यों नहीं पा रहे है, यह एक बड़ा सवाल है।
( हस्त लिखित बिल पंचायत दर्पण से लिया गया है)
जिम के नाम पर भी जमकर फर्जीवाड़ा
ग्राम पंचायत उमरिया में ओपन जिम के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया,जिम ओपन में होना चाहिए लेकिन पंचायत के सरपंच सचिव की मिलीभगत से हायर सेकंडरी स्कूल उमरिया परिसर के अंदर लगवा दिया गया है ओ भी पूरे स्टूमेंट नहीं लगाया गया और बिल का आहरण कर लिया गया।
पंचायत सचिव ने दिया गोल मोल जबाव
जब पंचायत सचिव से ओपन जिम के बारे में पूछा गया की स्कूल के अंदर जिम क्यों लगवाया गया है उनके द्वारा कहा गया सभी लोग बोले तो लगवा दिए,फिर जब लागत राशि के बारे में जानकारी चाही गई तो पहले तो यह बोल दिए की देखना पड़ेगा फिर बाद बताया गया 2.5 लाख का बाद में 5 लाख रुपए की लागत राशि का स्वीकार किए बोले की बाद में और लग जायेगा जब राशि आहरण पूरा करने की बात पूछी गई तो उनके द्वारा कहा गया राशि आहरित हो गई है फिर भी बाद में लगवा देंगे,जबकि नियम यह है की जब तक पूरा कार्य नहीं हो जाता तब तक पूरी राशि का आहरण नहीं किया जा सकता,इसके बावजूद भी पंचायत सरपंच सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से राशि का आहरण कर लिया गया। मामला जो कुछ भी हो यह तो जांच का विषय है अब देखना यह होगा की जिम्मेदार अधिकारी क्या कुछ कार्यवाही करेंगे।

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