सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही: एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए भू अर्जन अधिकारी

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही: एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए भू अर्जन अधिकारी


सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्यवाही: एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए भू अर्जन अधिकारी 


सीधी
सीधी में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन अधिकारियों और कर्मचारियों को लोकायुक्त के द्वारा घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा जाता है। ऐसा ही मामला आज फिर सीधी से सामने आया है. जहां रीवा लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए एक भू-अर्जन कर्मचारी को 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।

आवेदक शिवबहोर तिवारी ग्राम/पोस्ट सदला जिला सीधी ने बताया कि 23 फरवरी को लोकायुक्त ने रीवा में शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें बताया गया था कि मेरी पत्नी सुशीला तिवारी के नाम दर्ज रकवा 0.0380 हेक्टेयर भूमि है। जो कि सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण हेतु शासन ने साल 2012-13 में अधिग्रहित किया था।

आवेदन ने बताया कि जमीन को अधिकारी द्वारा गलत मूल्यांकन किया गया था। जब मैंने मुआवाजा की राशि के भुगतान के संबंध में कलेक्टर कार्यालय सीधी के भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय से मिल कर बात की। तब उनके द्वारा कहा गया कि आपकी मुआवाज की राशि 27 लाख रूपये होती हैं। जिसका आधा यानी 13.75 लाख रूपये रिश्वत के रूप में देना होगा। तभी मुआवजे का भुगतान होगा। अन्यथा नहीं होगा।
शिकायत कर्ता ने बताया कि 1 लाख रुपए पहले दे दिया गया था और आज 1 लाख रुपए देने आए थे

लोकायुक्त रीवा की टीम ने भू-अर्जन शाखा में पदस्थ कर्मचारी भूपेन्द्र पांडेय को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है।जानकारी के अनुसार, फोरलेन सड़क परियोजना में जमीन के मुआवजा भुगतान के एवज में कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।फरियादी का आरोप है कि वह पहले ही एक लाख रुपये रिश्वत के तौर पर दे चुका था,जबकि मुआवजा राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा और मांगा जा रहा था।शिकायत के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ