प्रेमी से शादी करने के लिए पति की करवाई हत्या: अनुकम्पा नियुक्ति पाने का था लालच

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प्रेमी से शादी करने के लिए पति की करवाई हत्या: अनुकम्पा नियुक्ति पाने का था लालच




प्रेमी से शादी करने के लिए पति की करवाई हत्या: अनुकम्पा नियुक्ति पाने का था लालच


जबलपुर। 
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 22 जनवरी काे निगमकर्मी अरविंद सिंह ठाकुर की हत्या की साजिश उसकी पत्नी मनीषा उर्फ बबली ने रची थी। पति से 16 साल छोटी मनीषा ने प्रेमी खेमचंद और दूर के भाई प्रदीप के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।     


पुलिस टीम ने मृतक अरविंद की पत्नी मनीषा उर्फ बबली, उसके रिश्ते के भाई प्रदीप उर्फ पंडा और खेमचंद यादव के मोबाइल की जांच की, जिसमें पता चला कि अरविंद की मौत के बाद तीनों में आपस में बातचीत हो रही है। संदेह पर मनीषा और उसके रिश्ते के भाई सिविल लाइन उपहार अपार्टमेंट निवासी प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

मृतक अरविंद की पत्‍नी मनीषा ने बताया कि उसकी छतरपुर गौरिहार बेनीपुर निवासी खेमचंद से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। इसके बाद खेमचंद शहर आकर उससे मिलने लगा। जब उसके ससुराल वालों ने खेमचंद के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि खेमचंद उसके रिश्ते का जीजा है। वह खेमचंद के साथ रहना चाहती थी, लेकिन वह बेरोजगार था। इसके बाद उसने योजना बनाई कि यदि पति अरविंद की हत्या कर दी जाती है, तो उसे अनुकंपा नियुक्ति मिल जाएगी। इसके बाद वह अपने प्रेमी खेमचंद के साथ रहने लगेगी।

पत्नी ने ही बनाई हत्या की योजना :-


मनीषा ने योजना बनाने के बाद अपने अपने रिश्ते के भाई प्रदीप पंडा और प्रेमी खेमचंद से बात की और खेमचंद को शहर बुलाया। खेमचंद 21 जनवरी की सुबह 8 बजे ट्रेन से मुख्य स्टेशन पहुंचा और दोपहर में मनीषा राजपूत, खेमचंद और प्रदीप पंडा टैगोर गार्डन में मिले। जहां मनीषा ने पति अरविंद की हत्या करने की बात कहीं।


तीनों ने अरविंद की हत्या की योजना बनाना शुरू किया और बातचीत के दौरान प्रसाद में जहर मिलाकर देने की योजना बनाई। लेकिन प्रदीप ने इंकार कर दिया और कहा कि प्रसाद और लोग भी मांग सकते है। इसके लिए उसे शराब पिलाकर हत्या की जाए। इसके बाद प्रदीप के मोबाइल पर किसी को फोन आया, तो वह किसी काम से चला गया।

गार्डन से मनीषा और खेमचंद रिक्शे में बैठकर रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन से मनीषा ने अपने पति अरविंद को फोन लगाकर कहा कि खेमचंद आया है स्टेशन पर है जाकर मिल लो। खेमचंद रात की ट्रेन से वापस चला जाएगा। इसके बाद अरविंद ने नगर निगम में अपना काम निपटाने के बाद शाम लगभग 5 बजे स्टेशन पहुंचा और खेमचंद से मिला। दोनों में बातचीत हुई और फिर सदर में पैदल घूमते हुए दोनों ने शराब की बॉटल खरीदी और मुर्गी मैदान में पीने बैठ गए। जब अरविंद को नशा अधिक हो गया, तो खेमचंद ने लगभग 7:30 बजे पत्थर से अरविंद के सिर में हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद खेमचंद स्टेशन पहुंचा और रात लगभग पौने 9 बजे की चित्रकूट एक्सप्रेस में बैठकर भाग गया। आरोपित मनीषा और प्रदीप को गिरफ्तार कर फरार आरोपित खेमचंद की तलाश की जा रही है।

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