मझौली:“बोनस नहीं, ‘बोनस का बोनस’ चाहिए बाबू को!” क्रमोन्नति एरियर्स बोनस के लिए भटक रहा शिक्षक, संकुल बाबू पर घूस लेने के आरोप

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मझौली:“बोनस नहीं, ‘बोनस का बोनस’ चाहिए बाबू को!” क्रमोन्नति एरियर्स बोनस के लिए भटक रहा शिक्षक, संकुल बाबू पर घूस लेने के आरोप



बोनस नहीं, ‘बोनस का बोनस’ चाहिए बाबू को!” क्रमोन्नति एरियर्स बोनस के लिए भटक रहा शिक्षक, संकुल बाबू पर घूस लेने के आरोप


रवि शुक्ला,सीधी
मंझौली जनपद शिक्षा केंद्र के संकुल ताला में इन दिनों एक अनोखी योजना चल रही है—“काम करवाना है तो पहले चढ़ावा चढ़ाना है”। यहां शिक्षक पढ़ाने से ज्यादा फाइलों के दर्शन कराने में व्यस्त हैं।
मेडरा विद्यालय में पदस्थ शिक्षक शिवशंकर गुप्ता पिछले डेढ़ साल से अपने ही हक के क्रमोन्नति एरियर्स बोनस के लिए ऐसे भटक रहे हैं जैसे कोई विद्यार्थी बिना एडमिट कार्ड परीक्षा केंद्र के बाहर। आदेश आ चुका, फाइल बन चुकी, लेकिन बाबू की मेहरबानी अब तक नहीं बरसी।

कहते हैं कि काम की रफ्तार इतनी “तेज” है कि दो साल में फाइल मेज से अलमारी और अलमारी से फिर मेज तक का ऐतिहासिक सफर तय कर चुकी है। शिक्षक ने 6 हजार रुपए भी “प्रक्रिया शुल्क” के नाम पर दिए, लेकिन काम अब भी ‘प्रोसेस’ में ही है।
जन चौपाल चमराडोल में जब शिक्षक ने अपनी पीड़ा सुनाई, तो लगा जैसे व्यवस्था खुद ही कटघरे में खड़ी हो गई हो। अब देखना ये है कि सिस्टम जागता है या फिर फाइलें यूं ही “आराम” फरमाती रहेंगी।


 संकुल बाबू पर घूस लेने के आरोप

सीधी जिले के मंझौली जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत संकुल ताला का एक मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक अपने ही हक के क्रमोन्नति एरियर्स बोनस के लिए पिछले दो वर्षों से भटकने को मजबूर है।

जानकारी के अनुसार, माध्यमिक विद्यालय मेडरा में पदस्थ शिक्षक शिवशंकर गुप्ता को दूसरी क्रमोन्नति एरियर्स का लाभ दिए जाने का आदेश लगभग डेढ़ वर्ष पहले जारी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें बोनस की राशि प्राप्त नहीं हो सकी है।

शिक्षक का आरोप है कि संकुल स्तर पर पदस्थ बाबू आदर्श तिलगाम द्वारा कार्य कराने के नाम पर घूस की मांग की गई। शिक्षक ने बताया की 6 हजार रुपए भी दिए, लेकिन इसके बाद भी उनका काम नहीं हुआ।

पीड़ित शिक्षक ने इस संबंध में जन चौपाल चमराडोल में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें शीघ्र उनका लंबित भुगतान दिलाया जाए। शिक्षक श्री गुप्ता ने बताया कि मझौली एसडीएम ने 15 दिवस के भीतर कार्य हो जाने की बात कही है, शिक्षक ने कहा की अगर हमारा काम नहीं हुआ तो जिला कलेक्टर के पास शिकायत करेंगे,
यह मामला न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित शिक्षक को कब न्याय मिल पाता है।

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