कोरोना वायरस:सरकारी अमले की लापरवाही से हुई ऑक्सीजन की कमी

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कोरोना वायरस:सरकारी अमले की लापरवाही से हुई ऑक्सीजन की कमी



सरकारी अमले की लापरवाही से हुई ऑक्सीजन की कमी 


(सुधांशु द्विवेदी)भोपाल । 
कोरोना महामारी के कारण हुए पिछले साल हुए लॉकडाउन से उद्योग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि उनके सामने ऑक्सीजन का आपूर्ति न होने का संकट आ गया है। ऑक्सीजन की कमी ने मंडीदीप औद्योगिक नगरी में स्थित छोटी-बड़ी 100 से अधिक इकाइयों को वेंटिलेटर पर ला दिया है। इन उद्योगों में ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने से उत्पादन कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है, वहीं इन कारखानों में काम करने वाले 8000 मजदूरों के रोजगार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वे प्रतिदिन रोजगार की आस लेकर फैक्ट्री तो जा रहे हैं, परंतु उद्योग प्रबंधक गैस की कमी बताकर वापस लौटा देते हैं। यह स्थिति पिछले पांच दिन से बनी हुई है। 
औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन चार हजार क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन गैस की आवश्यकता होती है परंतु पिछले पांच दिनों से ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह से बंद है। उद्योगों के ठप होने से उन्हें प्रतिदिन आर्थिक चपत लग रही है और समय पर ऑर्डर भी पूरे नहीं कर पा रहे हैं। असल में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने मरीजों को प्राथमिकता दी है। ऑक्सीजन सप्लायरों को उद्योगों की गैस आपूर्ति बंद कर पहले अस्पतालों में गैस की आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। इसके चलते यहां के प्लांटों से उद्योगों में सप्लाई की जाने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह से रोक दी गई है। इसका सीधा असर स्थानीय उद्योगों पर पड़ रहा है। बीते एक सप्ताह से एचईजी, क्रांप्टन, आइसर तथा बीटेक हाइड्रो सहित क्षेत्र की छोटी-बड़ी करीब 100 से अधिक इकाइयों में उत्पादन कार्य प्रभावित हो रहा है। मंडीदीप को गुजरात और महाराष्ट्र से मिलने वाली लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई। शहर के 100 बड़े-छोटे उद्योगों को ऑक्सीजन देने वाला भार्गव कॉर्बोनिक्स तथा एक अन्य प्लांट बंद हो गया है। दोनों प्लांटों से औद्योगिक क्षेत्र में 4000 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की सप्लाई रोज की जाती है, परंतु इन दोनों प्लांटों से कारखानों को मिलने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से फेब्रिकेशन वाली कंपनियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। औद्योगिक सूत्रों के अनुसार जिन कारखानों में कटिंग का काम होता है, वहां काम पूरी तरह से बंद हो चुका है। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र में इसका व्यापक असर हुआ है।
भार्गव कार्बोनेक्स के संचालक सौरभ भार्गव ने कहा कि पहले कोरोना संक्रमण की मार और अब ऑक्सीजन सप्लाई न होने से कई उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इससे फेब्रिकेशन और फार्मा संबंधित उद्योगों को रोज करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से मेडिकल के साथ उद्योगों के लिए भी कुछ कोटा निधारित करने की मांग की है, ताकि मजदूरों की रोजी-रोटी चलती रहे।
मंडीदीप एसोसिएशन ऑफ इंड्रस्टीज के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की भयावहता के कारण ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों की कमी हो गई है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता हैं। ऐसे में ऑक्सीजन गैस उत्पादन करने वाले प्लांट केवल हॉस्पिटल में ही 100 फीसद सिलिंडर सप्लाई कर रहे हैं, लेकिन उद्योग विभाग और सरकार की ओर से ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की सप्लाई बढ़ाने के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सरकार और सरकारी अमला सालभर हाथ पर हाथ रखकर बैठा रहा। बीते वर्ष भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था, जिससे जिम्मेदारों कोई सबक नहीं सीखा।
अभी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है, इसलिए फिलहाल ऑक्सीजन गैस की सप्लाई अस्पतालों में करवा रहे हैं। अगले तीन-चार दिन में उद्योगों के लिए भी गैस की सप्लाई सुचारू रूप से होने लगेगी। इसके लिए हम व्यवस्था बना रहे हैं।

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