चालान काटने पर आक्रोशित हुए मझौली के व्यापारी,प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप,अवैध कारोबारियों को खुली छूट, घर का दरवाजा खोलने पर कार्यवाही

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चालान काटने पर आक्रोशित हुए मझौली के व्यापारी,प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप,अवैध कारोबारियों को खुली छूट, घर का दरवाजा खोलने पर कार्यवाही



चालान काटने पर आक्रोशित हुए मझौली के व्यापारी,प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप,अवैध कारोबारियों को खुली छूट, घर का दरवाजा खोलने पर कार्यवाही



(रवि शुक्ला) मझौली।

 मामला मझौली उपखंड अंतर्गत नगर परिषद मझौली मेन मार्केट  का है जहां कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने हेतु तैनात पुलिस कर्मियों  द्वारा चलाने काटे जाने पर चालान की राशि भुगतान ना करते हुए चारों तरफ से लगभग आधा सैकड़ा की संख्या में व्यापारी इकट्ठे हो गए तथा प्रशासन के कार्यप्रणाली से नाखुश होकर चालान की राशि नहीं जमा करने का निर्णय लिया गया साथ ही स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते देखे गए। 


अवैध कारोबारियों को दे रहे खुली छूट:-

बता दें कि इसके 1 दिन पूर्व 25 अप्रेल को शाम 7 मझौली मेन मार्केट से एक घर में रखा अवैध रूप से महुआ लादा जा रहा था।  व्यापारियों द्वारा मीडिया को सूचित करते हुए बताया गया कि  अवैध कारोबारियों को प्रशासन छूट दे रखा है और हम जो रजिस्टर्ड व्यापारियो को शटर उठाना मुश्किल कर दिए हैं। इस सूचना पर जब मीडिया की टीम उक्त स्थान पर पहुंची तो आधा दर्जन लोगों द्वारा एक 407 फुल वाडी वाहन में महुआ लादा जा रहा था जिसकी जानकारी वहीं से तहसीलदार मझौली एवं थाना प्रभारी को दी गई लेकिन किसी अधिकारी के न पहुंचने पर अवैध कारोबारियों के महुआ लद कर निकल गया जिससे रजिस्टर्ड व्यापारी काफी नाखुश हुए।


घर का दरवाजा खोलने पर होती है चलानी कार्यवाही:-


 वहीं ठीक एक दिन बाद 26 अप्रैल को शाम के समय एक व्यापारी जैसे ही सटर उठाता है तैनात पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मी पहुंच कर नगर परिषद द्वारा जारी चलान ₹500 का काट देते हैं। जबकि वह बार-बार बता रहा है कि हम लोगों को निकलने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है इसी पर बात हो रही थी कि देखते देखते आधा सैकड़ा की संख्या में व्यापारी इकट्ठे होकर इस कार्यवाही का विरोध करते हुए चालान की राशि ना देने का निर्णय लिया। व्यापारियों का कहना था की अवैध कारोबारियों को प्रशासन खुली छूट दे रखा है वही हम रजिस्टर्ड व्यापारियों को शटर उठाना भी मुश्किल कर दिए हैं। बाजार में 90% मकानों के रास्ते दुकान से ही हैं यदि कोई काम पड़ता है तो हम लोग यहीं से निकलते हैं किंतु हम लोगों को शटर उठाना प्रशासन मुश्किल कर रखा है। व्यापारियों का यह भी कहना था कि क्या मेन मार्केट भर में ही कोरोना प्रभावशाली है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोई पाबंदी लगी नहीं दिख रही है।



पंचायतों में नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां, जिम्मेवार मौन:-


 व्यापारियों का यह कहना सत्य भी निकला 26 अप्रैल को ही व्यापारियों के बताए अनुसार मीडिया की टीम पोड़ी पंचायत के बड़का डोल गांव में निर्माण कराई जा रही पुलिया का जायजा लेने पहुंची तो यहां पर कोरोना कर्फ्यू की धज्जियां उड़ाते हुए घटिया निर्माण कार्य जारी था 3 दर्जन से ऊपर मजदूर कार्य पर लगे थे जिनमें से एक भी मजदूर मास्क नहीं लगाया था कोई भी प्रशासनिक अमला यहां नहीं था। जिससे यह लगा कि कहीं ना कहीं व्यापारियों का कहना सर्वथा उचित है विदित हो कि भले पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बरतते हुए लक लकाती  दोपहरी में अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा हो पर खंड प्रशासन की  निष्क्रिय एवं भेद पूर्ण कार्यवाही कहीं ना कहीं इन पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ रही है जिसका खामियाजा छोटे कर्मचारी भुगत रहे हैं, जबकि कई बार अब्यवस्था को लेकर खबर प्रकाशन किया गया लेकिन स्थानीय प्रशासन में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है जिला प्रशासन क्या कुछ अपने कर्तव्य का प्रभाव दिखा पाता है। या की यहां से दूरी ही बनाए रखने में अपनी भलाई समझ रहा है।

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