कालेज में हुआ संगोष्ठी का आयोजन

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कालेज में हुआ संगोष्ठी का आयोजन




कालेज में हुआ संगोष्ठी का आयोजन 


जबलपुर। 
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विज्ञान भारती द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में विज्ञानियों के योगदान विषय को लेकर वर्ष भर कार्यक्रमों के आयोजन विभिन्न स्थानों पर किए जाना का निर्णय लिया गया है। इस कड़ी में महाकोशल विज्ञान परिषद, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय व शासकीय विज्ञान व शासकीय होमसाइंस कॉलेज द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संगठन मंत्री विज्ञान भारती जयंत सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि डॉ. महेंद्र लाल सरकार जो चिकित्सा के क्षेत्र में मेधावी थे उन्होंने अंग्रेजों की विज्ञान के क्षेत्र में होने वाली भेदभाव की नीति का विरोध किया। रामकृष्ण परमहंस बंकिम चंद्र चटर्जी व अन्य लोगों के साथ मिलकर धन संग्रह किया और 1870 कलकत्ता में इंडियन एसोसिएशन फॉर कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस नामक संस्था की शुरुआत की। इस संस्था में भारत के विज्ञानियों की प्रथम पीढ़ी तैयार हुई। यहां पर काम करते हुए ही डॉ. सी. वी. रमन को भारत का ही नहीं बल्कि पूरे एशिया का प्रथम नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। आचार्य जगदीश चंद्र बसु ने उस समय के भारतीयों को विज्ञान शिक्षा देने के योग्य न मानना एवं बराबर वेतन ना दिए जाने का विरोध किया तथा 3 वर्ष भौतिक शास्त्र का अध्यापन बिना वेतन के किया। इस तरह जगदीश चंद्र बसु, प्रफुल्ल चंद्र रे ,सत्येंद्र नाथ बोस, विश्वेश्वरैया व बहुत से भारतीय विज्ञानियों ने अंग्रेजों की विज्ञान में भारतीयों को नीचा दिखाने की नीति का विरोध किया और विरोध के साथ-साथ भारत में विज्ञान को विकसित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी तिवारी कुलपति नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर ने कहा कि विज्ञान अनुसंधान और प्रौद्योगिकी का संगम होना चाहिए। रादुविवि कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र ने कहा कि विषय बहुत ही समसामयिक है। सारस्वत अतिथि प्रवीण रामदास ने कहा की वैज्ञानिक सोच की बहुत आवश्यकता है। शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एएल महोबिया ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में नई सोच विकसित करते हैं। कार्यक्रम के प्रांतीय संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. सुनीता शर्मा, अध्यक्ष महाकौशल विज्ञान परिषद ने दी। साथ ही धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निपुण सिलावट, उपाध्यक्ष महाकौशल विज्ञान परिषद ने किया। कार्यक्रम में इंजीनियर प्रभात दुबे ,मुक्ता भटेले, डॉ. मुकेश राय के साथ हीविभिन्न स्थानों से प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

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