झोला छाप ख़बरी:अधिकारी की चाय की चुस्की औऱ मंत्री जी की बंगला ड्यूटी में सिमटी पत्रकारिता-राजेन्द्र सिंह जादौन

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

झोला छाप ख़बरी:अधिकारी की चाय की चुस्की औऱ मंत्री जी की बंगला ड्यूटी में सिमटी पत्रकारिता-राजेन्द्र सिंह जादौन



झोला छाप ख़बरी:अधिकारी की चाय की चुस्की औऱ मंत्री जी की बंगला ड्यूटी में सिमटी पत्रकारिता-राजेन्द्र सिंह जादौन


वैसे तो एक पत्रकार की असल पहचान उसकी कलम होती है । पत्रकार अगर अपना काम ठीक तरीके से न करें तो मजलूम औऱ पीड़ित कहाँ गुहार लागये ।

*वर्तमान पत्रकारिता आपकों सरकारी दफ़्तर के अधिकारी की टेबल पर चाय की चुस्कियां लेते दिखाई पड़ेगी । जैसे खबरों का खजना अधिकारी की टेबल के नीचे दबा पड़ा है और वो इस खजाने से एक ख़बर आपको निकाल कर दे देगा । यही नही इसमे कुछ भोगी पत्रकार भी शामिल है जो मंत्रियों के बंगले पर  सुबह सवेरे आपको ड्यूटी करते दिख जायगे ।*

पत्रकार का मूल काम ख़बर पर बारीकी से काम करना होता है खबर से जुड़े सबूतों को एकत्र कर उसे पढ़कर समझ कर उसपर खबर लिख कर प्रकाशन करना । न किसी अधिकारी की टेबल पर चाय की चुस्की न किसी नेता की बंगला ड्यूटी औऱ आप जिसे वर्जन या बाईट कहते है उसे पत्रकारिता नही कुछ और ही कहते है । वर्जन औऱ बाईट आम जनता की लो जो सरकार की योजनाओं से पीड़ित है । *क्योकि अधिकरी औऱ नेता एक ही रट्टू तोते की तरह जवाब देंगे ।*

पत्रकार का काम बाईट औऱ वर्जन नही है सिर्फ खबरो पर काम कर उसे विस्तार से छापना है । उसके बाद वर्ज़न औऱ बाईट देने अधिकारी और नेता स्वयं आपके पास चले आयेगे । 

चुस्की औऱ ड्यूटी का चलन बंद कर पत्रकारिता करें ।




✍️राजेन्द्र सिंह जादौन, सम्पादक। मध्यप्रदेश✍️

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ