धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

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धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव





धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव



शहडोल। ब्योहारी के वार्ड क्र.1 हनुमान मंदिर मुदरिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में श्रीधाम वृंदावन से आये अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक डॉ. अरुणाचार्य महाराज ने कथा के चौथे दिन गज और ग्राह के प्रसंग का रोचक वर्णन किया। साथ ही यहां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया गया। डॉ. अरुणाचार्य महाराज ने बताया कि गज और ग्राह के संदर्भ में अष्टम स्कंद में वर्णित है कि गजेन्द्र को अपने बल एवं अपने परिवार पर भरोसा था। फिर भी जब किसी ने साथ नहीं दिया तो गजेन्द्र ने उन परमपिता परमेश्वर का स्मरण किया, जो सृजन, पालन और विसर्जन करते हैं। गजेन्द्र ने कमल का एक पुष्प लिया और सूंड में लेकर प्रभु को पुकारा कि प्रभु हमें बचाओ तो प्रभु ने अपना सुदर्शन चक्र चलाया और ग्राह को दंड देकर गजेन्द्र का उद्धार किया। समुद्र मंथन की कथा का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि समुद्र मंथन से चौदह रत्न प्राप्त हुए। श्रीमणि, रंभा, वारुणि, अमय, शंख, गजराज, कल्पद्रुम, धनु, धेनु, धन, धन्वति, विष, वाज आदि। हलाहल विष भोलेनाथ को दिये, दैत्यों को मदिरा, लक्ष्मी नारायण को-देवताओं को अमृत। इस प्रकार सभी को कुछ न कुछ वितरित किया गया। अरुणाचार्य महाराज ने राम चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि राम चरित्र महापवित्र, कृष्ण चरित्र महाविचित्र एवं जिज्ञासापूर्ण है। उन्होंने कृष्ण जन्मोत्सव के वृतांत का श्रवण कराते हुए बताया कि जब- जब इस धराधाम पर अत्याचार, अनाचार, पापाचार बढ़ जाता है तब सदाचार की स्थापना के लिये भगवान का अवतार होता है। यहां यह आयोजन आशीष ब्रह्मचारी के सानिध्य में हुआ। यहां भगवान बालकृष्ण की मनमोहक झांकी लालजी शास्त्री द्वारा निकाली गई। यहां कथा श्रवण के लिये रामचरित्र उपाध्याय, सीताराम उपाध्याय, प्राणेन्द्र उपाध्याय एडवोकेट, सुरेन्द्र शुक्ला शिक्षक, श्रीमोहन तिवारी शिक्षक, ओम उपाध्याय, वेद उपाध्याय, मनोज शुक्ला, सुखेन्द्र द्विवेदी एडवोकेट, समय बहादुर सिंह, रामचरण त्रिवेदी, सतेन्द्र तिवारी, नारेन्द्र निगम, कृष्णदास निगम, जय तिवारी, पंकज शुक्ला, कृष्णमुरारी निगम एडवोकेट, कृष्णमोहन निगम, महेन्द्र सिंह, सचिन तिवारी, सुयश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रीमद् भागवत श्रोतागण उपस्थित रहे।

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