सीधी पंचायत चुनाव 2022: ग्रामीण अंचलों में घर-घर दस्तक दे रहे प्रत्याशी,मतदाता पूरी तरह से साधे हुए हैं चुप्पी

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सीधी पंचायत चुनाव 2022: ग्रामीण अंचलों में घर-घर दस्तक दे रहे प्रत्याशी,मतदाता पूरी तरह से साधे हुए हैं चुप्पी



सीधी पंचायत चुनाव 2022: ग्रामीण अंचलों में घर-घर दस्तक दे रहे प्रत्याशी,मतदाता पूरी तरह से साधे हुए हैं चुप्पी


अल-सुबह से लेकर देर रात तक प्रचार जारी


सीधी
जिले भर में पंचायत चुनाव के प्रचार की रफ्तार दिन दूनी रात चौगुनी तेज हो रही है। प्रत्याशी एवं उनके समर्थक चुनाव चिन्ह आवंटन के उपरांत देर रात तक चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। सभी प्रत्याशी इस प्रयास में हैं कि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं से सम्पर्क किया जा सके। 
चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी एवं उनके समर्थकों द्वारा मतदाताओं को रिझाने के लिए तरह-तरह के वायदे किए जा रहे हैं। मतदाता अभी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। 


ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं से सम्पर्क करने की होड़


जिला पंचायत सदस्य एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के अभ्यर्थियों द्वारा अपने समर्थकों की संख्या ज्यादा रखी गई है। जिससे हर जगह चुनाव प्रचार का कार्य आसानी के साथ हो सके। इनके चुनाव प्रचार के लिए काफी संख्या में समर्थकों को लगाया गया है। कुछ प्रत्याशी कई वाहन भी किराए पर लगाए हुए हैं। जिससे बार्ड के ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं के बीच पहुंचने में सुविधा मिल सके। सभी प्रत्याशी इस प्रयास में हैं कि उनका चुनाव प्रचार का कार्य काफी तेजी के साथ चले सभी क्षेत्रों में चुनाव प्रचार का कार्य बिना किसी व्यवधान के होता रहे। जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य के लिए वार्डों में कई प्रत्याशियों के होने के कारण मतदाता फिलहाल सभी प्रत्याशियों की पृष्टिभूमि का बारीकी के साथ मंथन कर रहे हैं। प्रत्याशी के परिवार के लोग यदि पूर्व में भी पंचायत चुनाव के लिए मैदान में उतरे थे तो उनकी स्थिति भी भांपी जा रही है। वहीं मतदाता यह भी आंकलन कर रहे हैं कि चुनाव जीतने के बाद उनके क्षेत्र के लिए कौन सा प्रत्याशी सही भूमिका में रहेगा। प्रत्याशियों के आने पर मतदाता उन्हे समर्थन देने का वायदा तो कर रहे हैं लेकिन वो अभी पूरी तरह से अनिश्चितता के भंवर में फंसे हुए हैं। माना जा रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन करने में अभी मतदाताओं को समय लगेगा। इसके बाद ही किसी प्रत्याशी के पक्ष में क्षेत्र में एक माहौल अंदर से निर्मित होना शुरू हो जाएगा। इसको भांपकर ही कई प्रत्याशी अपना चुनाव प्रचार का कार्य भी धीरे-धीरे बढ़ा रहे हैं। जिससे मतदाताओं के बीच पहुंचने तक अन्य प्रत्याशियों के संबंध में भी मतदाता अपनी स्पष्ट राय बना सके। 
वहीं ग्राम पंचायत के चुनाव की बात की जाय तो सरपंच पद के लिए भी अधिकांश स्थानों में कांटे की टक्कर है। सरपंच पद के लिए कई अभ्यर्थियों के चुनाव मैदान में उतरने के कारण मतदाता भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। उधर जानकारों का कहना है कि ग्राम पंचायत का चुनाव सबसे जटिल समीकरणों से भरा होता है। यहां चुनाव मैदान में उतरने वाले सभी प्रत्याशियों के संबंध में मतदाता काफी बारीकी के साथ जानकारी रखते हैं, इस वजह से सरपंच पद के लिए प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे लम्बे चौड़े वायदे कोई विशेष मायने नहीं रखते। मतदाता भी ये अच्छे से जानते हैं कि पद और पावर आने के बाद कौन से प्रत्याशी का रूख पूरी तरह से बदल जाएगा। आज वोट लेने के लिए जो प्रत्याशी घर-घर जाकर हाथ जोड़ रहे हैं विजय मिलने के बाद वो अधिकांश मतदाताओं को सही तरीके से पहचानेंगे भी नहीं। इसी वजह से सरपंच पद के लिए अधिकांश मतदाताओं की पसंद है कि ऐसे प्रत्याशी को जीत मिले जो आसानी से गरीबों के लिए भी उपलब्ध हो और उनकी हर समस्या का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कराने के लिए हमेशा आगे रहे। 
पंच पद के लिए ग्राम पंचायतों के वार्डों में इस बार भी कई प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अधिकांश पंच पद के प्रत्याशी अपने वार्ड में घर-घर जाकर मतदाताओं से आशीर्वाद मांग रहे हैं। जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हो सके। सरपंच एवं पंच पद के लिए मतदाताओं की राय कुछ दिनों में अंदर ही अंदर निश्चित हो जाएगी किन्तु जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए अभ्यर्थी को पसंद करने में अभी कई दिन लगेंगे। इसी के चलते जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरने वाले अधिकांश प्रत्याशी अपना चुनाव प्रचार का कार्य भी एक सिरे से शुरू किए हुए हैं। जिससे वो धीरे-धीरे मतदाताओं से सम्पर्क करते हुए आगे की ओर बढ़ें। ये अवश्य है कि कुछ ऐसे भी प्रत्याशी हैं जिनका चुनाव प्रचार का कार्य वार्ड के अधिकांश क्षेत्रों में शुरू हो चुका है। उनके पास वाहन एवं चुनाव प्रचार करने वालों की संख्या ज्यादा होने के कारण मतदाताओं के बीच भी वो पहुंचना शुरू कर चुके हैं। सभी प्रत्याशी इस प्रयास में हैं कि अपने वार्ड क्षेत्र के अधिकांश मतदाताओं से वह कम से कम तीन दौर का सम्पर्क अवश्य करें। जिससे उनका आशीर्वाद मिलने में उन्हे किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और अन्य प्रत्याशियों के मुकाबले उनका चुनाव प्रचार भी तेजी के साथ आगे बढ़े। प्रत्याशियों की प्रचार को लेकर जितनी सक्रियता बढ़ रही है मतदाता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं हैं।

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