बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गरीब हेल्पर की हत्या की रची साजिश,करंट से झुलसकर बिजली के खंभे से गिरा हेल्पर जीवन और मौत के बीच कर रहा संघर्ष

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गरीब हेल्पर की हत्या की रची साजिश,करंट से झुलसकर बिजली के खंभे से गिरा हेल्पर जीवन और मौत के बीच कर रहा संघर्ष




बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गरीब हेल्पर की हत्या की रची साजिश,करंट से झुलसकर बिजली के खंभे से गिरा हेल्पर जीवन और मौत के बीच कर रहा संघर्ष


 जिम्मेदार अफसरों पर केस दर्ज कर सख्त कार्यवाही की उठी मांग, पुलिस तक भी पहुंचेगा मामला

सुधांशु द्विवेदी,भोपाल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्योहारी क्षेत्र अंतर्गत बिजली विभाग के जिम्मेदार अफसर इतने संवदेनहीन और निष्क्रिय हो गये हैं कि यहां कि विभागीय व्यवस्था तो बेलगाम हो ही गई है साथ ही वह विभाग से जुड़े लोगों को भी गंभीर क्षति पहुंचाने की साजिश षडय़ंत्र रचने लगे हैं। क्षेत्र में बिजली की समुचित आपूर्ति ने होने के साथ कहीं बिजली के तार टूट रहे हैं तो कहीं विभाग के लोगों को ही नुकसान पहुंचाने के साजिश- षडय़ंत्र से विभागीय व्यवस्था तार- तार हो रही है। ऐसे में ब्योहारी में पदस्थ जेई रमेश यादव एवं आकाश राज सहित बिजली विभाग के जिला स्तर के अफसरों पर भी कार्यवाही की मांग उठने लगी है। ताकि बेलगाम होती विभागीय व्यवस्था को नियंत्रित किये जाने के साथ ही शासन- प्रशासन की छवि को बरकरार रखा जा सके। विगत 30 मार्च को ब्योहारी क्षेत्र अंतर्गत रीवा शहडोल रोड में बिजली आफिस के सामने रात्रि 10 बजे राममिलन पटेल लाइन मैन का हेल्फर महावीर साहू 11केवी लाइन के चपेट में आ गया और अधजला होकर खंभे से नीचे जमीन में आ गिरा वह कई घंटे तक बेहोश रहा। जिसे घटना स्थल पर उपस्थित लोगों की मदद से उसे तुरंन्त ही पास के अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद घायल हेल्पर को रेफर किया गया इस दौरान लाइन मैन पटेल सहित स्टाप की ओर से उसे 15 हजार रुपये दिए गऐ थे लेकिन अब हेल्पर की आफत बढ़ गई है अब उसके पास ना तो पैसे है और ना ही इलाज । लाइनमैन राममिलन पटेल अपने हेल्फर महावीर साहू को बुलाकर कहा कि खंभे में चढक़र जंफर बाध दो मै लाइट बंन्द करा दिया हंू। जबकि लाइट बंन्द नही थी हेल्फर महावीर खम्भे में चढकऱ जंफर को पकडा ही था कि वह करंट की चपेट में आ गया लगभग दो मिनट तक वह खम्भे में जलता रहा और नीचे गिर गया जिससे वहा भगदड मच गई लोग इधर उधर भागने लगे हो हल्ला मच गया। 
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि लाइनमैन पटेल ने आखिरकार ऐसा क्यों किया क्या हेल्फर से उसका कोई मतभेद या विवाद था या फिर उसे रास्ते से हटाना चाहता था या फिर उगाही के पैसो के बंटवारा का अगूढ़ रहस्य कुछ और है। यह तो विस्तृत जाच के बाद सामने आऐगा लेकिन हेल्फर महावीर ने प्रतिनिधि को बताया है कि स्टेशन मे बैठा आपरेटर संदीप पटेल और सजातीय लाइनमैन दोनों झूठ बोल रहे हंै और मुझे जान बूझकर घंम्भे में चढ़ा दिया गया और लाइट चालू कर करा दी गई। मैं जीवन- मौत के बीच संघर्ष कर रहा हूं क्योंकि मेरे पास अब पैसे ही नही है नात रिश्तेदार घर परिवार से भारी भरकम राशि उधार ले लेकर बड़े बड़े अस्पतालो में अभी तक इलाज कराया लेकिन अब पैसे के अभाव मे दवाई बंन्द है जिससे बहुत भयंकर तकलीफ हो रही है विभाग से कोई मदत ही नहीं हो रही है । यहां गंभीर सवाल यह है कि उल्लेखित एई, जेई ने गरीब महावीर साहू की इलाज में मदद क्यों नहीं की। साथ ही एक गरीब के खिलाफ ऐसा षडय़ंत्र- साजिश रचने वाले लाइनमैन- आपरेटर के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की गई। उच्च प्रशासनिक अधिकारियों एवं शासन की मंशा है कि बिजली विभाग की व्यवस्थाओं से आम जनमानस लाभान्वित हों। लोगों को समुचित बिजली आपूर्ति के साथ ही लोगों को विभाग से कोई शिकायत न रहे। लेकिन ब्योहारी में जेई रमेश यादव एवं एई आकाश राज सहित विभाग के जिला स्तर के संवेदनहीन अफसरों पर सख्त कार्यवाही के साथ ही उनका तत्काल अन्यत्र स्थानांतरण की मांग उठाई गई है। ब्योहारी क्षेत्र के कुछ जागरुक लोगों का कहना है कि वह बिजली के करंट से झुलसे महावीर साहू की जागरुकतापूर्वक मदद करेंगे तथा आवश्यक होने पर बिजली विभाग के उल्लेखित जिम्मेदार अफसरों पर पुलिस कार्यवाही सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया जायेगा। क्यों कि यह मामला गंभीर है, अगर महावीर साहू को समय रहते तत्काल अस्पताल न पहुंचाया गया होता तो उसकी उक्त घटना में मौत हो सकती थी। जबकि वह अभी भी जीवन- मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इस मामले में शहडोल संभागायुक्त बीएस जामोद, कलेक्टर तरुण भटनागर से उल्लेखित विजली विभाग के अफसरों पर सख्त कार्यवाही की मांग की गई है। साथ ही इस आपराधिक साजिश के लिये जिम्मेदार अफसरों ब्योहारी के जेई, एई तथा विभाग के जिला स्तर के अफसरों पर कार्यवाही के लिये एडीजीपी शहडोल जोन सीनियर आईपीएस डीसी सागर का ध्यान भी प्रमुखता के साथ आकृष्ट कराया गया है। साथ ही आवश्यक होने पर जेई, एई सहित अन्य अफसरों पर शासन स्तर से भी सख्त कार्यवाही की मांग पुरजोर तरीके से की गई है। क्यों कि महावीर साहू ने समय जगत को बताया है कि जीवन- मौत से संघर्ष के बीच विभाग की ओर से उसे अब कोई मदद नहीं मिल रही है तथा उसे जोर देकर बिजली के खंभे में चढ़ाकर मौत के मुंह में धकेलने का यह साजिश- षडय़ंत्र किया गया। ऐसे में बिजली विभाग के अफसरों, लाइनमैन पर कार्यवाही तो होनी ही चाहिये।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ