कमिश्नर 15 तहसीलदारों की वेतनवृद्धि रोकी, सीधी के 5 राजस्व अधिकारियों पर भी हुई कार्यवाही

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

कमिश्नर 15 तहसीलदारों की वेतनवृद्धि रोकी, सीधी के 5 राजस्व अधिकारियों पर भी हुई कार्यवाही


कमिश्नर 15 तहसीलदारों की वेतनवृद्धि रोकी, सीधी के 5 राजस्व अधिकारियों पर भी हुई कार्यवाही


रीवा
बी.एस. जामोद ने राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संभाग के 15 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण न करने पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को पहले ही आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों के निस्तारण में देरी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके संतोषजनक सुधार न होने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत आगामी वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई।

जारी आदेशों के अनुसार, रीवा जिले में त्योंथर के प्रभारी तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला एवं हुजूर तहसील के नायब तहसीलदार तेजपति सिंह की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई है। सतना जिले के रघुराजनगर के प्रभारी तहसीलदार सौरभ मिश्रा की दो, बिरसिंहपुर के प्रभारी तहसीलदार डॉ. शैलेन्द्र बिहारी शर्मा की एक वेतनवृद्धि रोकी गई है। वहीं मऊगंज जिले के प्रभारी तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार पटेल की दो वेतनवृद्धियाँ रोकी गई हैं।

सीधी जिले में भी कार्रवाई का असर देखने को मिला है, जहां सिहावल के जयप्रकाश पाण्डेय, बहरी के इंद्रभान सिंह, गोपद बनास के राकेश शुक्ला, कुसमी के नारायण सिंह तथा रामपुर नैकिन के आशीष कुमार मिश्रा की एक-एक वेतनवृद्धि रोकी गई है।
इसके अलावा सिंगरौली जिले में प्रीति सिकरवार, नागेश्वर प्रसाद पनिका और जान्हवी शुक्ला की तथा मैहर जिले के जितेन्द्र पटेल और रामदेव साकेत की भी एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए हैं।
कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी राजस्व अधिकारी प्रकरणों का तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। आदेशों की अवहेलना करने पर भविष्य में और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ