फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने विशेष अभियान, 22 से 30 जुलाई तक ग्राम पंचायतों में बैठेंगे पटवारी,कलेक्टर ने जारी किए निर्देश
लंबित फार्मर रजिस्ट्री, पीएम-किसान आवेदन एवं खसरा-नक्शा विसंगतियों का होगा निराकरण
सीधी
जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति को देखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। अभियान का उद्देश्य शासन की मंशानुरूप शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना है। इसके लिए 22 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक सभी कार्य दिवसों में जिले के प्रत्येक पटवारी अपने-अपने हल्के की ग्राम पंचायतों में उपस्थित रहकर लंबित प्रकरणों का निराकरण करेंगे।
जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक पटवारी निर्धारित अवधि में संबंधित ग्राम पंचायत भवन में बैठकर फार्मर रजिस्ट्री, खसरा-नक्शा विसंगतियों का परीक्षण, राजस्व प्रकरणों में आवश्यक प्रतिवेदन तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के लंबित आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि पंचायत में उनकी उपस्थिति की सूचना कम से कम एक दिन पहले अन्य माध्यमों के साथ-साथ संबंधित ग्राम पंचायत के व्हाट्सएप समूह में प्रसारित की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान निर्धारित दिवस पर पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पटवारी सारा (SAARA) पोर्टल से ग्रामवार एवं व्यक्तिवार लंबित फार्मर रजिस्ट्री हितग्राहियों की सूची प्राप्त कर संबंधित राजस्व अधिकारी एवं ग्राम पंचायत के व्हाट्सएप समूह में साझा करेंगे। इसी सूची के आधार पर लंबित किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए उनका पंजीयन कराया जाएगा।
अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे लंबित हितग्राहियों को सूचना देकर ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित कराएंगे, आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे तथा पंजीयन कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने में पटवारी का सहयोग करेंगे।
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित तिथियों में प्रत्येक पटवारी ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित रहकर कार्य कर रहा है। आवश्यकतानुसार निरीक्षण कर इसकी पुष्टि भी की जाएगी। प्रत्येक पटवारी को अपनी उपस्थिति का जीपीएस लोकेशन सहित दिनांक एवं समय अंकित सेल्फी फोटो संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप समूह में निर्धारित समय पर साझा करना अनिवार्य होगा, जिससे वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन किया जा सके।
आदेश के अनुसार प्रत्येक दिवस सायंकाल सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अपने-अपने अनुविभाग की प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। इस प्रगति का मिलान पोर्टल पर दर्ज वास्तविक प्रगति से किया जाएगा। साथ ही समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान की नियमित पटवारीवार एवं ग्रामवार समीक्षा करने तथा समय-सीमा में सभी लंबित फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पटवारी निर्धारित दिवस पर अपने हल्के में अनुपस्थित पाया जाता है, लंबित हितग्राहियों की सूची साझा नहीं करता है अथवा कार्य में लापरवाही या उदासीनता बरतता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित राजस्व अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र में प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन के इस महत्वपूर्ण अभियान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

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