मझौली: दुष्कर्म केस के आरोपी ने लगाई फांसी, 4 घंटे तक चक्काजाम,पुलिस पर मारपीट के लगे आरोप
मझौली।
जिले के मझौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छुही में दुष्कर्म के एक मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब आरोपित युवक ने आम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सीधी व्यवहारी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग युवती से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इनमें से एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी थी। इसी दौरान फरार आरोपी ने कथित रूप से गांव में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने सुबह लगभग 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर कुसमी–मझौली एसडीओपी सहित चार थानों की पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मझौली पुलिस द्वारा युवक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, साथ ही घर में महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस फांसी के फंदे से शव उतारकर बिना पंचनामा के ले जाने का प्रयास कर रही थी, जिस पर उन्होंने विरोध किया।
इसके अलावा परिजनों ने दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों पर भी पैसे की मांग करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।मृतक की मां ने बताया कि उसके पति का पहले ही निधन हो चुका है और अब बेटे की मौत से वह पूरी तरह टूट गई है।
कुसमी एसडीओपी संतोष तिवारी ने बताया कि नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपी थे, जिनमें से एक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस मौके पर पहुंची थी, जहां युवक द्वारा फांसी लगाने की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओपी ने स्पष्ट किया कि शव को बिना पंचनामा ले जाने का आरोप सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी होने तक पुलिस शव को अपने कब्जे में रखती है, इसके बाद ही परिजनों को सौंपा जाता है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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