ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें: फर्जी हस्ताक्षर मामले में आवास पहुंची CID, अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही CID (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की टीम मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के कोलकाता स्थित आवास पहुंची। जांच एजेंसी इस मामले में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee को तीसरा नोटिस सौंपने पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार, CID अधिकारियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोलकाता के 30B हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंची। वीडियो फुटेज में अधिकारियों को "C.I.D. West Bengal" लिखी जैकेट पहने हुए आवास परिसर में प्रवेश करते देखा गया।
अभिषेक बनर्जी को तीसरा समन
फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID पहले ही अभिषेक बनर्जी को दो बार समन जारी कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उन्हें 8 जून को भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन वे कथित तौर पर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए। इसके बाद CID टीम ने उनके आवास पहुंचकर तीसरा नोटिस सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 6 मई को ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर आयोजित तृणमूल कांग्रेस विधायकों की बैठक से जुड़ा है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसमें लगभग 70 विधायकों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था।
हालांकि, टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किए गए हैं। दोनों विधायकों ने यह भी दावा किया कि वे संबंधित बैठक में शामिल ही नहीं हुए थे।
जांच में क्या सामने आया?
शिकायत मिलने के बाद CID ने मामले की जांच शुरू की। अब तक 13 टीएमसी विधायकों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। R भारत डिजिटल में छपी खबर के अनुसार, इनमें से तीन विधायकों ने जांच अधिकारियों को बताया है कि प्रस्ताव पर दर्ज हस्ताक्षर उनके नहीं हैं।
फिलहाल CID मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। वहीं, इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस और सियासी गर्माहट पैदा कर दी है।
Source:R भारत

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