10 हजार की रिश्वत लेते जिला अभियोजन अधिकारी को लोकायुक्त ने किया गिरफ्तार,रिश्वत की राशि फेंककर भागने के फिराक में था आरोपी
सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ रीवा लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला न्यायालय में पदस्थ जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) राजकुमार रावत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई न्यायालय परिसर के सामने की गई, जिससे अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार फरियादी पंकज तिवारी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार जैसे ही फरियादी ने आरोपी को 10 हजार रुपये की रिश्वत दी, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी को आगे की वैधानिक प्रक्रिया के लिए उच्च विश्राम गृह सीधी ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी रही।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक एस.आर. मरावी ने किया। ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त रीवा की 12 सदस्यीय टीम शामिल रही।
उल्लेखनीय हैं कि अगस्त 2025 में भी इसी मामले में मझौली थाना में पदस्थ तत्कालीन एसआई कमलेश त्रिपाठी रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त द्वारा ट्रैप किया गया था। अब उसी प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में जिला अभियोजन अधिकारी पर हुई कार्रवाई ने पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है।
पहले भी ले चुका था 8 हजार रुपये
फरियादी पंकज तिवारी का आरोप है कि आरोपी जिला अभियोजन अधिकारी इससे पहले भी 8 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था। इसके बाद शेष 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई कर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
तीन वर्ष पुराने भूमि विवाद से जुड़ा है मामला
फरियादी पंकज तिवारी के अनुसार तीन वर्ष पूर्व उसने राजमणि पाण्डेय पिता अवध बिहारी पाण्डेय, निवासी मुढ़ेरिया से भूमि खरीदी थी। भुगतान के लिए दिया गया चेक बाद में नकद राशि देने के बावजूद वापस नहीं किया गया। विक्रेताओं ने चेक गुम होने की बात कही, लेकिन बाद में वही चेक बैंक में प्रस्तुत कर दिया गया, जो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसी विवाद से जुड़ा मामला अभियोजन स्तर पर लंबित था, जिसमें कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई।
इनका कहना है
सितंबर 2023 में मेरे साथ हुई धोखाधड़ी के संबंध में मैने आवेदन दिया था मझौली थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए जिसमें आज तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, पिछले साल अगस्त 2025 में इसी मामले को लेकर मझौली थाने में पदस्थ एसआई कमलेश त्रिपाठी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़वाया था, पुलिस ने अभियोजन अधिकारी से राय लेने के लिए प्रकरण भेजा था, जिसमें जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी,08 हजार रुपए रिश्वत की राशि मेरे द्वारा पूर्व में ही दे दी गई थी आज 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। दो बार इसी मामले में लोकायुक्त की कार्यवाही हो गई लेकिन आज तक मुझे न्याय नहीं मिला है।
पंकज कुमार तिवारी,
फरियादी निवासी टेकर मझौली
शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिनांक 09 जुलाई 2026 को एक शिकायत प्रस्तुत किया था, जिसमें डीपीओ द्वारा चेक बाउंस मामले को लेकर अभियोजन मत लिया जाना था, जिसके एवज में जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार रावत द्वारा 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी, शिकायत का सत्यापन कराया गया शिकायत सही पाई गई, जिसमे पूर्व में उनके द्वारा 08 हजार रुपए प्राप्त किए जा चुके थे आज 10 हजार रुपए रिश्वत की राशि लेते पकड़े जाने पर कार्यवाही की जा रही है।
एस आर मरावी
निरीक्षक लोकायुक्त पुलिस रीवा

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