15 किमी दूर मंत्री गिना रहे थे उपलब्धियां, इधर सड़क पर बैठकर पढ़ रहे थे बच्चे ,बंजारी स्कूल मामले में दो शिक्षकों को नोटिस
रवि शुक्ला,मझौली
जिले के मझौली जनपद अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंजारी में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उस समय सामने आई, जब स्कूल तक पहुंच मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बच्चों को सड़क पर बैठाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ीं। शुक्रवार 10 जुलाई को सामने आए इस मामले ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। बताया गया कि विद्यालय तक पहुंचने वाले दोनों रास्तों को भूमि स्वामियों द्वारा बंद कर दिया गया है, जिसके चलते शिक्षक और छात्र स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। मजबूरी में शिक्षकों ने सड़क पर ही कक्षा लगाकर विरोध दर्ज कराया।
प्रभारी मंत्री 15 किलोमीटर दूर दे रहे थे भाषण
घटना के दौरान एक ओर जहां बंजारी में बच्चे सड़क पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर लगभग 15 किलोमीटर दूर चमराडोल और मझौली में जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल क्षेत्रीय विधायक की मौजूदगी में सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे। यह विरोधाभास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामदत्त पनिका ने बताया कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है और बच्चों व शिक्षकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने स्थाई सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
वहीं, जनपद शिक्षा केंद्र मझौली के बीआरसीसी अयोध्या प्रसाद पटेल ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने पर विभागीय स्तर पर समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई, दो शिक्षकों को नोटिस
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं समाचारों में शासकीय माध्यमिक शाला बंजारी के विद्यार्थियों को सड़क पर बैठाकर कक्षा संचालित किए जाने के मामले में जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र सीधी ने प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक देवेश कुमार द्विवेदी तथा माध्यमिक शिक्षक रामदत्त पनिका को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
जारी नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय तक पहुंच मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों द्वारा विभागीय अथवा प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दिए बिना बरसात के मौसम में विद्यार्थियों को खुले एवं असुरक्षित स्थान पर बैठाकर कक्षा संचालित की गई, जो विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की दृष्टि से गंभीर लापरवाही है। दोनों शिक्षकों को 13 जुलाई 2026 को सायं 5.30 बजे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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