MP में अवैध शराब पर सख्ती: 3 साल की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माने का प्रस्ताव
भोपाल
मध्य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार आबकारी कानून को और सख्त करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अब कानून तोड़ने वालों पर पहले की तुलना में कई गुना अधिक जुर्माना और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। नईदुनिया वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक आबकारी नियमों के उल्लंघन पर अब जुर्माने की राशि को 10 गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। खासतौर पर अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के पास 50 लीटर से अधिक अवैध शराब पाई जाती है, तो उसे तीन वर्ष तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। वहीं, जहरीली या मिलावटी शराब बनाने के मामलों में भी सजा और जुर्माने को बढ़ाने का प्रावधान किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2021 में मिलावटी शराब से हुई कई मौतों के बाद राज्य सरकार ने पहले भी कानून में बदलाव किए थे। अब एक बार फिर ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमों को और कड़ा किया जा रहा है। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो नए आबकारी कानून का मसौदा तैयार कर रही है। समिति अन्य राज्यों के कानूनों का भी अध्ययन कर रही है, ताकि प्रभावी और सख्त प्रावधान लागू किए जा सकें।
प्रस्तावित सख्त प्रावधान:
अवैध निर्माण, परिवहन या बिक्री पर 1 वर्ष तक की जेल और जुर्माना।
50 लीटर से अधिक अवैध शराब रखने पर 3 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख जुर्माना।
मिलावटी/हानिकारक शराब बनाने पर 2 वर्ष तक की जेल और जुर्माना।
बिना लाइसेंस शराब तस्करी पर 6 माह तक की जेल या जुर्माना या दोनों।
सरकार का मानना है कि इन कड़े प्रावधानों से अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगेगी और आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

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