बीमारी ने निगल गई होनहार बेटी की जान,शिक्षा जगत व क्षेत्र में शोक की लहर

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बीमारी ने निगल गई होनहार बेटी की जान,शिक्षा जगत व क्षेत्र में शोक की लहर



बीमारी ने निगल गई होनहार बेटी की जान,शिक्षा जगत व क्षेत्र में शोक की लहर


 मुख्यमंत्री द्वारा मिला था दो लाख


 मझौली।
 लंबी बीमारी के बाद गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दिन जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे अनामिका पांडे दादर गंभीर बीमारी ब्लड कैंसर के कॉल के मुख्य में समा गई जिनके मृत्यु के खबर फैलते ही शिक्षा जगत के साथ साथ समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बता दे के दादर निवासी उमा शंकर पांडे जो पेशे से शिक्षक हैं जिनके शांत स्वभाव  तथा व्यक्तिगत गुणों के कारण  शिक्षा जगत में  अलग पहचान है। उनकी छोटी पुत्री अनामिका पांडे 16 वर्ष जो अपने स्वभाव एवं व्यक्तिगत गुणों के कारण शिक्षा के साथ-साथ समाज में भी अलग छवि बना रखी थी। जिनकी मृत्यु 26 जनवरी 2021 को लगभग शाम 6:00 बजे की बीच हो गई जिनकी मृत्यु की खबर सुनते ही शिक्षा जगत के साथ समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई तथा उनके निज निवास दादर में शोक संवेदना तथा परिवार को सांत्वना देने के लिए शुभचिंतकों की कतार देर रात तक चलती रही। विदित हो कि अनामिका पांडे जो काफी समय से ब्लड कैंसर से ग्रसित थी जिनकी दवा जानी-मानी हॉस्पिटलों में कराया गया सूत्रों की माने तो उनके पिता होनहार बेटी के पीछे कई लाखों रुपए खर्च किए हैं वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा भी इस बेटी की दवा के लिए दो लाख रुपए दिया गया था तथा शिक्षक संघ द्वारा भी चंदा एकत्रित कर लाखों रुपए का सहयोग किया गया था इस सब के बावजूद भी इस घातक बीमारी से होनहार बेटी को नहीं बचाया जा सका।

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