विशेषज्ञों ने पढ़े शोध पत्र

Ticker

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

विशेषज्ञों ने पढ़े शोध पत्र



विशेषज्ञों ने पढ़े शोध पत्र 


भोपाल। 
मैपकॉस्ट द्वारा ऑनलाइन मोड पर आयोजित 36 वीं युवा वैज्ञानिक कांग्रेस के दूसरे दिन बुधवार को आठ विषयों में शोध पत्रों  (रिसर्च पेपर्स) का प्रेजेंटेशन दिया गया। युवा शोधार्थियों ने ओलावृष्टि और प्रचंड तूफान के सटीक पूर्वानुमानों से लेकर मधुमेह के इलाज के लिए प्रयुक्त इंसुुलिन के नए पहलू पर केंद्रित रिसर्च पेपर पढ़े। वायरस सार्स कोविड-2 के बारे में भी नई जानकारियों को प्रस्तुत किया गया। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र,भोपाल के अजय कुमार राय ने अर्थ एंड एन्वायरोनमेंटल साइंसेज विषय के अंतर्गत प्रेजेंटेशन में बताया कि मानसून पूर्व मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि और तूफान का सटीक पूर्वानुमान रडार डाटा एनालिटिक्स द्वारा किया जा सकता है। डॉप्लर वेदर डाटा रडार के एस बैंड का व्यापक पैमाने पर उपयोग कर सटीक पूर्व अनुमान लगाया जा सकता है। इस रिसर्च का उपयोग जन और कृषि क्षेत्र में होने वाली हानि को रोकने में किया जा सकेगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजुकेशन एंड रिसर्च(आइसर), भोपाल के रसायन शास्त्र विभाग के अनिरबन दास ने मधुमेह के इलाज में प्रयुक्त इंसुलिन पर शोध किया है। मधुमेह पीड़ित लोगों द्वारा बार-बार इंसुलिन लेने से फाइब्रिल बन जाता है। उन्होंने इंसुलिन की बायो एक्टिविटी को बनाए रखने के लिए स्माल मालीक्यूल इनहिबिटर्स का सृजन किया है। वहीं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस,एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर),भोपाल के बॉयोलाजिकल साइंसेज डिपार्टमेंट के तरुण मिश्रा ने न्यू बायोलाजी विषय के अंतर्गत प्रस्तुत रिसर्च पेपर में बताया कि इस वायरस का न्यूिक्लयो प्रोटीन लेेंटी वायरल स्पाइक पार्टिकल्स की इंफेक्टिविटी को बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि इस रिसर्च के माध्यम से उभ्ारते पेथोजन के अध्ययन में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि विश्व के कई देशों में फैले कोरोना वायरस सार्सकोवि-2 के जीनोम विश्लेषण के बाद ही वैक्सीन का निर्माण हुआ है। कोरोना वायरस परिवार के छह सदस्यों का पता लग चुका है। कोविड-19 इस परिवार का सातवां सदस्य है।
बरकतउल्ला विवि भोपाल के बायोकेमिस्ट्री एंड जेनेटिक्स डिपार्टमेंट की निधि पौराणिक ने रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन में बताया कि उन्होंने जैविक हथियार बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले बैक्टीरिया बेसिलस एन्थ्रासिस का पता लगाने (डिटेक्शन) के लिए एक डिवाइस को तैयार किया है। यह अत्यधिक संवेदनशील और तेजीसे काम करता है। बेसिलस एन्थ्रासिस से प्रयोगशाला में घातक जैविक हथियार बनाए जा सकते हैं। यह संक्रामक बैक्टीरिया है। इससे मनुष्य व मेमेलिया समूह के प्राणियों में रोग फैलता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ