मड़वास के साथ सौतेला व्यवहार या जनप्रतिनिधि विहीन-शिवमूरत देव जी

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मड़वास के साथ सौतेला व्यवहार या जनप्रतिनिधि विहीन-शिवमूरत देव जी



मड़वास के साथ सौतेला व्यवहार या जनप्रतिनिधि विहीन-शिवमूरत देव जी



सीधी।
 आज से नही लगभग कई वर्षों से मड़वास के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है वो चाहे थाना को लेकर हो या उप तहसील को तहसील का दर्जा प्राप्त करने के लिए हो या स्वास्थ्य शिक्षा की व्यवस्था को लेकर हो मध्य प्रदेश में अभी नवीन 4 नई तहसीलों खंडवा जिले में किल्लौद व मूंदी तथा टीकमगढ़ में दिगौड़ा बुरहानपुर जिले में धूम धूमकोट तहसीलों के गठन एवं नवीन पदों के सृजन को मंजूरी मिली वही सीधी जिला से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित मड़वास जोकि कई वर्षों से उप तहसील से तहसील के दर्जे के लिए प्रस्ताव भेजने के बावजूद भी विचाराधीन पड़ा हुआ है प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जी का जब-जब आना हुआ तब-तब घोषणा यही की जाती रही कि बहुत जल्द ही मड़वास को तहसील का चौकी को थाना का दर्जा प्राप्त होगा लेकिन आज 10 वर्षों से मड़वास के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है ऐसा लगता है जैसा मड़वास जनप्रतिनिधि विहीन है पूर्व में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री जी के द्वारा 1 वर्ष के अंदर तहसील के दर्जा की बात की गई थी लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार भी कोई कार्यवाही नहीं की गई वही थोड़े दिन पूर्व राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह जी ने भी आकर के भोली भाली जनता जनार्दन को तहसील के दर्जे सपना दिखाते हुए 1 वर्ष का आश्वासन दे दिया अभी थोड़े समय पूर्व ही प्रदेश में 4 नई तहसीलों को दर्जा प्राप्त हुआ है लेकिन मड़वास का उसमें दूर-दूर तक नामोनिशान नही है क्षेत्रीय विकास के कार्यों को लेकर के जनप्रतिनिधियों को कार्यों को करना करवाना अत्यंत आवश्यक है नही तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा वही देखें जो जिले के हालात हैं सीधी जिला पूरे प्रदेश में सबसे निचले कुछ ले स्तर पर दिखता प्रतीत हो रहा है यहां कोई भी मंत्री आने के लिए तैयार नही सीधी के विकास की जब बात आती है तो तो सारे जनप्रतिनिधि मौन धारण कर लेते हैं पूर्व में सीधी की प्रभारी मंत्री मीणा मांडवे जी के द्वारा जहां मड़वास थाने का उद्घाटन करना था वही नए भवन में चौकी का उद्घाटन करके चली गई अगर इसी तरह रवैया और स्थिति बनी रही तो मड़वास की भोली-भाली जनता बहुत जल्दी थाना तहसील नही तो वोट नही के संकल्प को लेकर के आगे बढ़ेगी और अपने हक अधिकार के लिए लड़ेगी, उग्र आंदोलन करेगी, रोड में उतरेगी और अपना हक और अधिकार जो है उसको प्राप्त करके ही रहेगी खूब हो गया भोली-भाली जनता का शोषण अब नही।

 कई वर्षो से मड़वास क्षेत्र अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था पूरी तरह से डमाडोल चल रही है एक महाविद्यालय नही बच्चे पढ़ने के लिए यहां से लगभग 20 से 30 किलोमीटर दूर मझौली, कुसमी या सीधी जाना पड़ता है, वही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़वास मे आए दिन जच्चा-बच्चा की होती है मौत एक भी नही है जननी एक्सप्रेस या एंबुलेंस की व्यवस्था डॉक्टर  होने के बावजूद भी दवाई की व्यवस्था नही एक्सरे की सुविधा के बावजूद भी पूरी तरह से खंडहर एवं चौपट पड़ी हुई है सारी व्यवस्थाएं लगभग कई महीनों से पुलिस चौकी मड़वास की 100 नंबर गाड़ी खराब पड़ी है आए दिन कई प्रकार के हादसे होते हैं कॉल करने पर कुसमी या मझौली से आना पड़ता है 100 नंबर को यही रवैया रहा तो जल्द ही शासन प्रशासन के खिलाफ होगा जन आंदोलन।

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1 टिप्पणियाँ

dasashok ने कहा…
saheb lagta hai ki is bhajpa sarkar ke hukmran aur sara prasasan gahri need me gaya hai jo aaj tak inke kano me ju nahi rengta hai ek hi bikalp hai chakka jam