कोरोना महामारी के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

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कोरोना महामारी के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा लोगों को मिला रोजगार



कोरोना महामारी के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा लोगों को मिला रोजगार



नई दिल्ली।
अर्थव्यवस्था और कारोबारी गतिविधियों में सुधार के बीच अप्रैल में देश में कुल 88 लाख लोगों को रोजगार मिला है। यह कोरोना के बाद किसी एक महीने में सबसे ज्यादा लोगों को मिला रोजगार है।

इसके साथ ही कुल श्रमबल की संख्या बढ़कर 43.72 करोड़ पहुंच गई है, जो मार्च में 42.84 करोड़ थी।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी से मार्च के बीच यानी तीन महीने में कुल 1.20 करोड़ लोग बेरोजगार हुए। इस तरह, देश में अब भी करीब 32 लाख लोग बेरोजगार है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-22 के दौरान हर महीने देश के कुल श्रम बल में औसतन 2 लाख लोग जुड़े। हालांकि, इस दौरान मांग की तुलना में उपलब्ध रोजगार की संख्या कम रही।

सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने बताया कि कुछ कामकाजी उम्र के बेरोजगारों को अप्रैल में काम मिल गया। यह रोजगार के मोर्चे पर अच्छे संकेत है। कामकाजी उम्र की आबादी प्रति माह 20 लाख से अधिक नहीं बढ़ सकती है। हालांकि, इस दौरान कृषि क्षेत्र में रोजगार में 52 लाख की गिरावट आई है। इसकी प्रमुख वजह रबी की कटाई सीजन खत्म होना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में उद्योग और सेवा क्षेत्र में रोजगार में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सेवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 67 लाख लोगों को रोजगार मिला। उद्योग जगत ने 55 लाख लोगों को रोजगार दिया। उद्योग जगत में विनिर्माण क्षेत्र में 30 लाख लोगों को रोजगार मिला, जबकि निर्माण क्षेत्र की मदद से श्रम बल में करीब 40 लाख लोग जुड़े।

अब तक 11.6 लाख लोगों को अमेजन ने दिया रोजगार
ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने रविवार को कहा कि उसने भारत में अब तक 11.6 लाख लोगों को रोजगार दिया है। इनमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार शामिल हैं। साथ ही निर्यात में करीब 5 अरब डॉलर का योगदान दिया है। देश में 40 लाख सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल भी बनाया है। कंपनी ने कहा कि उसने 2025 तक भारत से अपने कुल निर्यात लक्ष्य को दोगुना कर 20 अरब डॉलर कर दिया है।



क्रेडिट: अमर उजाला

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