भारत जोड़ो यात्रा ने बदला देश का सियासी माहौलराहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता- दार्शनिक अंदाज की हर तरफ हो रही चर्चा

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भारत जोड़ो यात्रा ने बदला देश का सियासी माहौलराहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता- दार्शनिक अंदाज की हर तरफ हो रही चर्चा




भारत जोड़ो यात्रा ने बदला देश का सियासी माहौल
राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता- दार्शनिक अंदाज की हर तरफ हो रही चर्चा


सुधांशु द्विवेदी, भोपाल/ नई दिल्ली। देश में सामाजिक सद्भाव तथा विश्वसनीयता आधारित राजनीतिक कार्य संस्कृति विकसित करने की मंशा पर आधारित कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने अपने करीब दो महीने से अधिक के सफर में लोगों के दिलों को जोडऩे का काम तो किया ही है साथ ही इस यात्रा से देश का सियासी माहौल भी बदला हुआ नजर आने लगा है। राहुल गांधी पर बेवजह सवाल उठाकर कतिपय राजनीतिक दलों के नेता आये दिन राहुल गांधी के प्रति अपनी राजनीतिक ईष्र्या एवं द्वेष की अभिव्यक्ति प्रत्यक्ष- परोक्षा तौर पर करते रहे हैं तथा उनके द्वारा कहा जाता रहा है कि कांग्रेस अब अपने अस्तित्व के अंतिम दिन गिन रही है। लेकिन राहुल गांधी की मौजूदा भारत जोड़ो यात्रा की सफलता एवं उसके व्यापक राजनीतिक- सामाजिक प्रभाव के आधार पर यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस का न सिर्फ मौजूदा आधार मजबूत है अपितु उसका भविष्य भी पूरी तरह उज्ज्वल एवं स्वर्णिम संभावनाओं से परिपूर्ण है। लोकतंत्र में जनभावनाओं, मूल्यों, मर्यादाओं का विशेष महत्व होता है तथा राजनीतिक दलों के लिये अपनी वैचारिक एवं दलीय प्रतिबद्धता की स्पष्टता भी अति महत्वपूर्ण है। कन्याकुमारी से शुरू हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का हर पड़ाव रोचक एवं उत्साह से परिपूर्ण रहा है। राहुल गांधी कहीं युवाओं के साथ घुल मिलकर सीधा संवाद करते हुए नजर आते हैं तो कहीं भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ही सडक़ पर दौड़ लगाकर कांग्रेस पार्टी की स्वस्फूर्त एवं उत्साहपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक अविराम यात्रा एवं स्वर्णिम सफर का संदेश भी देते हैं। राहुल गांधी का लहजा कहीं आक्रामकता से परिपूर्ण रहता है तो कहीं वह दार्शनिक अंदाज में भी अपनी बातें कहते हैं। महाराष्ट्र में उन्होंने सावरकर को लेकर काफी आक्रामक लेकिन अनुशासित तरीके से अपनी बात कही तो वहीं एक जगह उन्होंने यह भी कहा कि मुझे आरएसएस, भाजपा नेताओं से कोई नफरत नहीं है, मैं तो बस उनकी असलियत को उजागर कर रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मुझ पर जितने ज्यादा व्यक्तिगत शाब्दिक हमले होते हैं, मुझे उतना ही ज्यादा यह लगता है कि मैं सही काम कर रहा हूं। राहुल गांधी का यह आत्मविश्वास उनकी इस भारत जोड़ो यात्रा को स्फूर्ति एवं ऊर्जा प्रदान कर रहा है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से बौखलाए कतिपय राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं द्वारा भले ही राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के बारे में भ्रामक बयानबाजी, दुष्प्रचार किया जाये या झूठे आरोप लगाए जाएं लेकिन सच तो यह है कि यह कतिपय राजनीतिक दल सत्ता में रहते हुए सरकारी मशीनरी तथा पैसे- साधनों, संसाधनों का अपने राजनीतिक फायदे के लिये औचित्यहीन उपयोग करके भी राहुल गांधी जैसा विश्वास अर्जित नहीं कर पाये हैं। जहां तक भारत जोड़ो यात्रा के राजनीतिक परिणाम तथा इसका कांग्रेस को मिलने वाले फायदे का सवाल है तो यह पूरी स्पष्टतापूर्वक कहा जा सकता है कि देश का कोई बड़ा नेता अगर किसी सुविचारित उद्देश्य को लेकर लोगों को आपस में जोडऩे, जनता की बुनियादी समस्याओं से रूबरू होने, तथा विश्वसनीयता पूर्ण राजनीतिक कार्यपद्धति विकसित करने के लिये ऐसी व्यापक पदयात्रा का रहा हो तो उससे अगर उक्त नेता या उसकी राजनीतिक पार्टी को इससे फायदा मिले तो इससे हर्ज क्या है? अभी गुजरात में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं तथा हिमाचल में वोटिंग संपन्न हो चुकी है। दोनों ही राज्यों के चुनाव नतीजे 8 दिसंबर को घोषित होंगे। भाजपा नेताओं को अगर गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान भी अपनी जनसभा में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर बेवजह सवाल उठाते हुए अपनी संवेदनहीनता एवं नाकामियों को छिपाने की नाकाम कोशिशें करनी पड़ रही हैं तो इसका सीधा सा आशय है कि राहुल गांधी की यह कामयाब भारत जोड़ो यात्रा इन दो राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की पड़ी राजनीतिक कामयाबी अर्थात् जीत का आधार बनने जा रही है। जहां तक दोनों ही राज्यों में कांग्रेस पार्टी के चुनावी वादों का सवाल है तो कांग्रेस के इतिहास के बारे में गैर राजनीतिक लोग भी यह कहते हैं कि कांग्रेस अगर किसी चुनाव में कोई वादा करती है तो पार्टी के सत्ता में आने पर उन वादों को अवश्य पूर्ण किया जाता है। उस दृष्टि से दोनों ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार आने पर जनापेक्षाओं के पूरा होने में कहीं कोई संदेह नहीं है तथा राहुल गांधी की यह पदयात्रा तो पूरी तरह संदेह से परे अर्थात् सफल एवं व्यापक उपलब्धियों से परिपूर्ण है।

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