MP की लड़की कोटा में रची खुद के अपहरण की साजिश, मामले का हुआ बड़ा खुलासा,सच्चाई जान हो जाएंगे हैरान

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MP की लड़की कोटा में रची खुद के अपहरण की साजिश, मामले का हुआ बड़ा खुलासा,सच्चाई जान हो जाएंगे हैरान





MP की लड़की कोटा में रची खुद के अपहरण की साजिश, मामले का हुआ बड़ा खुलासा,सच्चाई जान हो जाएंगे हैरान



मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले में रहने वाली एक छात्रा का राजस्थान के कोचिंग केंद्र कोटा से फिरौती के लिए कथित अपहरण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने दावा किया है कि छात्रा अपने एक साथी के साथ विदेश जाना चाहती थी.

कोटा में नीट की तैयारी कर रही एक लड़की के पिता के पास 18 मार्च को एक मैसेज आया जिससे वह दहल गए। मैसेज में उनकी बेटी की कुछ तस्वीरें थीं, जिनमें उसके हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे। उसके चेहर पर खून भी लगा हुआ था।
मैसेज भेजने वाले ने 30 लाख रुपए की डिमांड की थी। इस किडनैपिंग केस में अब एक-एक कर कई हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। उसी दिन (18 मार्च) का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें लड़की दो लड़कों के साथ दिख रही है। हालांकि अभी तक लड़की कहां है इसे पता नहीं लगाया जा सका है। पुलिस ने बताया कि अबतक के जांच में यह साफ हो गया है कि छात्रा का अपहरण नहीं हुआ था। बल्कि उसने साजिश रची थी।

दोस्त के साथ विदेश जाने की प्लानिंग

पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि फिलहाल अपहरण जैसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है। यह बात सामने आई है कि लड़की के साथ किसी भी तरह का कोई अपराध नहीं हुआ है। दरअसल, छात्रा अपने दोस्त के साथ विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहती थी। इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। पैसों के लिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची।

घरवालों से बोली झूठ


पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा 3 अगस्त 2023 को अपनी मां के साथ कोटा आई थी। मां के वापस चले जाने के कुछ दिन बाद ही वह वापस इंदौर चली गई और वहीं रहने लगी। इंदौर लौटने के बाद छात्रा कभी भी कोटा नहीं आई। न ही किसी कोचिंग सेंटर में उसने एडमिशन लिया। छात्रा अपने दो दोस्तों के साथ सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी है। जिनमें एक को पुलिस ने पकड़ लिया है, उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं छात्रा और उसका एक दोस्त अभी भी लापता हैं।

छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी कोटा जाने से पहले इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। वहां उनकी बेटी को रिंकू धाकड़ नाम का लड़का काफी परेशान करता था। वह उसका पीछा भी करता था। इसके बाद अनुराग सोनी और हर्षित नाम के दो युवक भी उसे परेशान करने लगे। लड़के उसे कॉल करके ब्लैकमेल करने लगे और पैसों की डिमांड करने लगे। इस घटना के बाद उन्होंने बेटी को वापस शिवपुरी बुला लिया। छात्रा के पिता का आरोप है कि इन्हीं लड़कों ने उनकी बेटी का अपहरण किया है।

झूठ पर झूठ


दरअसल, 18 मार्च को छात्रा के पिता के पास एक मैसेज आया जिसमें यह बताया गया कि उनकी बेटी को किडनैप कर लिया गया है और जिंदा छोड़ने के बदले 30 लाख रुपए मांगे गए। उन्हें कुछ ऐसी तस्वीरें भी भेजी गईं जिससे वह काफी डर गए। एक फोटो में तो छात्रा के मुंह से खून निकलता हुआ दिख रहा है। हालांकि अब इस केस को लेकर पुलिस का कहना है कि लड़की विदेश जाना चाहती थी इसलिए उसने यह साजिश रची। यह भी सामने आया है कि लड़की ने घरवालों से झूठ बोला था कि वह कोटा में कोचिंग पढ़ती है क्योंकि जब पुलिस पिता के साथ कोचिंग सेंटर गई तब पता चला कि वहां उस नाम की कोई छात्रा नहीं है। यह भी सामने आ रहा है कि युवती कोटा में रहती ही नहीं थी। पुलिस लड़की और उसके दोस्त की तलाश में जुटी हुई है।



WhatsApp पर आया फिरौती का मैसेज

रघुवीर के व्हाट्सएप पर जो मैसेज आए उसमें छात्रा के हाथ पैर और मुंह बांधे हुए के फोटो थे। इनमें कुछ फोटो में छात्रा के चेहरे पर खून भी नजर आ रहा है। फोटो भेजने वाले ने मैसेज में लिखा कि रघुवीर की बेटी को किडनैप कर लिया गया है।

जिंदा चाहिए बेटी तो 30 लाख भेजो

मैसेज में लड़की को जिंदा छोड़ने की एवज में 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। मैसेज भेजने वाले ने बैंक खाते की डिटेल भी भेजी और सोमवार शाम तक रुपए जमा करने को कहा। पिता ने इतने रुपए नहीं होने और बंदोबस्त करने का समय देने की बात कही तो मैसेज भेजने वाले युवक ने छात्रा को मारने की धमकी दी। इधर कोटा पुलिस ने लापता छात्रा की किडनैपिंग का मामला दर्ज कर लिया है।



दोस्त ने कथित किडनैपिंग की खींची थी तस्वीरें


छात्रा के अपहरण की बनावटी स्क्रिप्ट छात्र के साथी के द्वारा तैयार की गयी थी. पुलिस को जो तस्वीरें मिले थे जिसमें रस्सी एवं अन्य सामग्री नजर आ रही थी और छात्रा के हाथ पैर बंधे हुए जो फोटो खींचे गए थे. वह इंदौर में ही छात्र के दोस्त के कमरे के किचन के बताए जा रहे हैं. कोटा पुलिस के द्वारा यह दावा किया गया है.

युवती पिछले 6-7 महीने से कोटा में नहीं थी


युवती पिछले छह से सात महीनों से कोटा में नहीं थी और उसने शहर के किसी भी कोचिंग संस्थान या छात्रावास में प्रवेश नहीं लिया है. अधिकारी ने बताया, ''लड़की किसी भी कोचिंग संस्थान में नहीं पढ़ती थी और न ही किसी छात्रावास में रहती थी। जहां तक युवती के माता-पिता को उसकी परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के बारे में मिले संदेशों की बात है तो प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि वे किसी भी कोचिंग संस्थान से नहीं भेजे गए थे.

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