शिक्षा के मंदिर में ग्राम पंचायत और डाक विभाग का कार्यालय ,9 वर्षों से बना भवन राजनीति का हो रहा शिकार? ग्रामीणों में आक्रोश

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शिक्षा के मंदिर में ग्राम पंचायत और डाक विभाग का कार्यालय ,9 वर्षों से बना भवन राजनीति का हो रहा शिकार? ग्रामीणों में आक्रोश


शिक्षा के मंदिर में ग्राम पंचायत और डाक विभाग का कार्यालय ,9 वर्षों से बना भवन राजनीति का हो रहा शिकार? ग्रामीणों में आक्रोश


रवि शुक्ला,मझौली
मझौली जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डांगा में लाखों रुपए की लागत से बना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नवीन भवन आज उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर बनने की कगार पर पहुंच गया है। वर्ष 2017-18 में लगभग 60 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस भवन का आज तक शैक्षणिक उपयोग नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीण शशीकांत मिश्रा ने बताया कि विद्यालय के संचालन के लिए वे कई वर्षों से जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद आज तक कक्षा 9वीं से 12वीं तक का संचालन नए भवन में शुरू नहीं हो सका है।
वर्तमान में विद्यालय जिस स्थान पर संचालित हो रहा है, वहां केवल 45 डिसमिल भूमि उपलब्ध है, जो छात्रों के लिए पर्याप्त नहीं है। वहीं, नवीन भवन 1 एकड़ 25 डिसमिल भूमि में निर्मित है, जिसमें पांच कमरे बने हैं और भविष्य में तीन प्रयोगशाला कक्ष भी प्रस्तावित हैं। पर्याप्त जगह और खेल मैदान होने के बावजूद भवन का उपयोग न होना कई सवाल खड़े कर रहा है।


जांच के आदेश, लेकिन कार्रवाई शून्य

करीब चार महीने पहले जिला पंचायत सीईओ द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। पत्र में प्रयोगशाला कक्षों और अतिरिक्त कमरों के निर्माण के साथ ही कक्षा संचालन शुरू कराने की बात कही गई थी।ग्रामीणों के अनुसार, जांच के लिए पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी सुजीत मिश्रा केवल औपचारिकता निभाकर लौट गए और अब तक कोई ठोस रिपोर्ट या कार्रवाई सामने नहीं आई है।


विद्यालय भवन पर पंचायत और डाक विभाग का ही रहा संचालन

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के लिए बने इस भवन में वर्तमान में ग्राम पंचायत ने अपना कार्यालय संचालित कर रखा है, जबकि एक कमरे में डाक विभाग भी काम कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों के लिए बने भवन का उपयोग अन्य कार्यों के लिए क्यों किया जा रहा है।

ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदारों पर सवाल

लगातार उपेक्षा के कारण भवन जर्जर होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन का उपयोग नहीं किया गया तो यह पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो जाएगा।

राजनीति का शिकार बन रहा शिक्षा का मंदिर?

ऐसा प्रतीत होता है की अब शिक्षा का मंदिर शिक्षा से ज्यादा राजनीति का शिकार बनता जा रहा है। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद भवन का उपयोग न होना सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नवीन भवन में विद्यालय का संचालन शुरू किया जाए, प्रयोगशाला कक्षों का निर्माण कराया जाए और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मामला जो कुछ भी हो,अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदार क्या कुछ कार्यवाही करते हैं 

इनका कहना है

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डांगा में रमसा की एक बिल्डिंग आई थी इसमें चार कमरे और एक हाल है जिसमें पर्याप्त जमीन भी पूर्व कलेक्टर अभिषेक सिंह ने यहां भवन के लिए चिह्नित किए थे तब बिल्डिंग का निर्माण कराया गया था, यहां चारों तरफ रोड छात्र छात्राओं को आने जाने के लिए है चारों तरफ से बच्चे यहां पढ़ने आ सकते हैं,पुरानी परिसर में जब प्रायोगिक कक्ष बनने लगा तब हमने इसको संज्ञान में लेकर कलेक्टर को पत्र देकर न्यायिक जांच की मांग की थी,विभागों के चक्कर लगा रहे हैं कागज एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस में घूम रहे है इसके बाद अभी कोई ठोस कार्यवाहीं नहीं हो रही है।

शशीकांत मिश्रा
ग्रामीण 

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नवीन भवन परिसर में पर्याप्त जगह है खेल का मैदान भी है माहौल भी अच्छा है अगर आने वाले दिनों में भविष्य में विद्यालय का उन्नयन होगा तो जगह की कोई कमी नहीं पड़ेगी,अच्छा रहेगा 2017 - 18 में भवन बना था इसके बाद ज्यों का त्यों पड़ा रहा एक साल से इसी भवन में ग्राम पंचायत अपना कार्यालय बनाया हुआ है।

रामानुज केवट
निवासी डांगा 

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 10 वर्षों से भवन बना है कबाड़ होता जा रहा है कोई ध्यान नहीं दे रहा है पुराने विद्यालय के भवन के पास जगह भी कम है यहां लोग अवैध अतिक्रमण भी कर लिए हैं,कई वर्षों से लोग बोल रहे है। अब विद्यालय का संचालन होगा भवन अब खंडहर हो गया लेकिन आज तक विद्यालय का संचालन नहीं हो रहा है,अगर यहां विद्यालय का संचालन होता है छात्र छात्राओं के लिए सुविधा भी होगी।

रामलाल यादव
निवासी डांगा

डीईओ कार्यालय से अदला बदली कर दिया गया है ,ग्राम पंचायत के पुराने भवन को विद्यालय के लिए दे दिए हैं क्योंकि विद्यालय के परिसर में था, नवीन भवन खंडहर हो रहा था तो ग्राम पंचायत का कार्यालय बनाया गया है।

अखिलेश जायसवाल
सरपंच, डांगा

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