रवि शुक्ला,मझौली
जिले के साथ साथ मझौली कुसमी क्षेत्र अंतर्गत धान खरीदी की जा रही है जिसमें जिला कलेक्टर द्वारा उपार्जन केन्द्र प्रभारियों समेत स्व सहायता समूह को शप्ष्ट निर्देश दिए गए हैं की किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए कई जगहों पर कार्यवाही भी हुई है इसके बावजूद प्रभारी अपने मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं,ऐसा ही मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थिति पांड का आया है जहां उपार्जन केन्द्र प्रभारी जमकर मनमानी तरीके से धान खरीदी कर रहे हैं न इनको किसी अधिकारी का डर है और न कार्यवाही का डर लग रहा है जबकि इसके कुछ दिनों पूर्व अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है, बीते दिन 27 दिसंबर शनिवार को मीडिया ने खरीदी केंद्र का जायजा लिया जहां देखा गया कि 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम बोरे भरा जा रहा है,बोरा कोई और नहीं किसान खुद तौलाई कर भर रहे हैं।
सगे संबंधियों के घटिया धान की खरीदी:
मझौली खरीदी केंद्र में घटिया धान खरीदी की जा रही हैं, वहां पर रखे बोरे की धान देखा गया तो धान की क्वाल्टी बहुत गड़बड़ है , प्योर धान की मात्रा लगभग आधा रही होगी वहीं के मजदूरों से पूछा गया तो दबी जुबान बोले कि क्या करें जैसा बोले हैं वैसा भर रहे हैं हां धान सही नहीं है खराब है। इससे ऐसा लगता है समिति प्रबंधक अपने सगे संबंधियों के घटिया धान की खरीदी कर सरकार को चूना लगा रहे हैं,और खुद मोटी रकम कमा रहे हैं, सरकार के सख्त नियम की धान खरीदी में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए इसके बावजूद मझौली उपार्जन प्रभारी अपने मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।और सरकार को चूना लगा रहे हैं, जानकारी तो यह भी मिल रही है कि अवैध धान को वैध बताकर कमीशन लेकर ले ली जाती है।
धान की बोरी में लग चुकी थी दीमग
मझौली खरीदी केंद्र में कवरेज के दौरान देखा गया तो वहां तौली तौलाई धान सिलाई की हुई बोरे में दीमग लग चुकी थी जिसको परिवहन के लिए वाहन में लोड करवा दिया गया दीमग लगने से बोरे की लगभग सभी धान खराब हो सकती है, इससे सरकार को बट्टा लग सकता है यह भी एक लापरवाही ही है चाहे जो भी लापरवाह हो जिसकी जांच होना चाहिए लेकिन ऐसा लगता है की कभी धान खरीदी का निरीक्षण जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों द्वारा नहीं किया गया इसलिए केंद्र प्रभारी जमकर मनमानी कर रहे हैं।
किसान भर अपने धान की मजदूर लगाकर कर तौलाई भराई
मझौली खरीदी केंद्र में लगभग कई किसान अपनी धान मजदूर लगाकर खुद तौल रहे थे जब किसानों से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया की अपनी धान हम स्वयं भर रहे हैं यहां कोई मजदूर नहीं तो कौन भरे, किसानों ने डर के मारे अपनी बात मीडिया के सामने नहीं रख पाए लेकिन दबी जुबान उनके द्वारा कहा जा रहा है क्या कर सकते हैं जो बोले हैं वही करना पड़ रहा है।उपार्जन केन्द्र प्रभारी सारे नियम कानून को दरकिनार करते हुए मनमानी और सरहंगई पूर्वक किसानों को परेशान और शोषण कर काली कमाई करने में लगे हुए हैं,
एसडीएम बोले करवाएंगे जांच
जब इस संबंध में मझौली एसडीएम आर.पी. त्रिपाठी से फोन से संपर्क कर पूरी स्थिति को बताया तो उनके द्वारा कहा गया कि जांच करवाएंगे, अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कुछ जांच कार्यवाही की जाएगी।
मड़वास खरीदी केंद्र का तहसीलदार ने किया था निरीक्षण
खरीदी केंद्र में व्याप्त अन्य मित्रता एवं भ्रष्टाचार को लेकर मीडिया द्वारा मझौली डीएम को अवगत कराया था जिनके द्वारा मड़वास तहसीलदार को भेज कर उपार्जन केंद्र का निरीक्षण करवाया गया
था इसके बावजूद ऐसा लगता है कि उपार्जन केंद्र प्रभारी निरीक्षण करने गए अधिकारियों को ही गुमराह कर दिया गया या फिर निरीक्षण अधिकारी सही तरीके से जांच नहीं किया गया या फिर एसडीएम को सही जानकारी नहीं दी गई, मामला जो भी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है,जबकि मीडिया द्वारा खुद लापरवाही की जानकारी दी गई थी,

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