संकल्प से समाधान अभियान बना मजाक, दोपहर तक कुर्सियां रहीं खाली, शिविर में नहीं पहुंचे नोडल अधिकारी
मझौली
मध्यप्रदेश की सरकार एक महाभियान राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने का निर्देश है इसका उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ना है.इसी तारतम्य में मझौली जनपद में भी सेक्टर वाइस इस अभियान का आयोजन किया जा रहा है लेकिन यहां के अधिकारी कर्मचारी इसको मजाक बनाकर रख दिए हैं ,आपको बता दें की मझौली जनपद में 18 फरवरी से शुरू हो गया हैं आज दूसरे दिन 20 फरवरी को गिजवार सेक्टर में संकल्प से समाधान अभियान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 14 पंचायत शामिल थी पंचायत वार पात्र आवेदनो का निराकरण करना था जिसको लेकर सभी पश्चात के सचिव अपने पंचायत की समस्या का निराकरण कर दोपहर पहुंचे शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार डी के टोप्पो को डाटा उपलब्ध कराए.लेकिन नोडल अधिकारी इस शिविर से नदारद रहे.
समाधान अभियान में नहीं पहुंचे नोडल अधिकारी
इस महत्वपूर्ण अभियान के नोडल अधिकारी डी पी सी विनय मिश्रा नहीं आए और शिविर प्रभारी मड़वास नायब तहसीलदार दोपहर 12 बजे के बाद आए . इस अभियान में महिला बाल विकास कृषि विभाग के एवम पंचायत कर्मियों के अलावा अन्य कोई विभाग के अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचे.नोडल अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी शिविर में आना उचित क्यों नहीं समझे यह तो जांच का विषय है.
टेंट पंडाल खाली, सरकारी पैसे का दुरपयोग
संकल्प से समाधान अभियान का आयोजन शिविर प्रभारी के आने के बाद शुरू हुआ वह भी आदि शक्ति भवन के हाल में वहीं बाहर टेंट पंडाल लगवाया गया था जिसका कोई उपयोग नहीं रहा यहां केवल सरकार के पैसों का दुर्पयोग किया गया, आपको बता दें कि सेक्टर मुख्यालय के सचिव और रोजगार सहायक को शिविर के संपूर्ण व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया था जहां भारी अव्यवस्था दिखी।
मामला चाहे जो कुछ भी हो लेकिन सरकार की इस महत्वपूर्ण अभियान को मजाक बनाना मतलब नियमों का उलंघन करना है अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद आने वाले अन्य शिविर में क्या कुछ सुधार किया जाएगा या फिर इसी तरह चलता रहेगा।

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