नेता जी के गजब कारनामे:मंडल अध्यक्ष पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप: माता-पिता की अलग-अलग समग्र आईडी बनवाकर उठाया योजनाओं का दोहरा लाभ”

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नेता जी के गजब कारनामे:मंडल अध्यक्ष पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप: माता-पिता की अलग-अलग समग्र आईडी बनवाकर उठाया योजनाओं का दोहरा लाभ”


मंडल अध्यक्ष पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप: माता-पिता की अलग-अलग समग्र आईडी बनवाकर उठाया योजनाओं का दोहरा लाभ”


ग्रामीणों ने मझौली जनपद में सौंपा ज्ञापन, सीधी कलेक्टर से जांच व कार्रवाई की मांग



सीधी/मझौली
 सत्ताधारी नेता जी के अजब गजब कारनामे,माता और पिता को कागज में अलग अलग कर हितग्राही मूलक योजना का लाभ अलग अलग लिए हैं यह कारनामे भाजपा मंडल अध्यक्ष खड़ौरा का है आरोप है की नेता जी अपने पिता को दूसरे गांव का निवासी बना दिए और माता को दूसरे गांव का निवासी,परिवार आईडी भी अलग अलग,आवास योजना का लाभ, बीपीएल कार्ड का लाभ ले रहे हैं,
सीधी जिले के मझौली जनपद अंतर्गत एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां खड़ौरा भाजपा मंडल अध्यक्ष रामसजीवन कचेर पर शासकीय योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर दोहरा लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने जनपद पंचायत मझौली पहुंचकर कलेक्टर सीधी के नाम शिकायती आवेदन सौंपते हुए जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रामसजीवन कचेर ने अपने माता-पिता की समग्र आईडी अलग-अलग ग्राम पंचायतों में बनवाकर उन्हें अलग-अलग हितग्राही के रूप में दर्शाया। इसके चलते माता और पिता दोनों को अलग-अलग स्थानों से राशन, पेंशन और बीपीएल सूची का लाभ मिल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, मंडल अध्यक्ष के पिता छोटेलाल कचेर का नाम ग्राम पंचायत तिलवारी में दर्ज है, जहां से वे पेंशन और राशन प्राप्त कर रहे हैं, वहीं माता चन्द्रवती कचेर का नाम ग्राम पंचायत छुही में दर्ज है और वे भी वहां से पेंशन, राशन और बीपीएल का लाभ ले रही हैं। इतना ही नहीं, दोनों के नाम से अलग-अलग प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत कराए गए हैं।

शिकायत में यह भी आरोप है कि मंडल अध्यक्ष ने पंचायत अधिकारियों पर दबाव बनाकर कई बार अपने खाते में राशि डलवाई है, साथ ही, अन्य हितग्राहियों के आवास की मजदूरी भी अपने खाते में डलवाने और शासकीय भवनों के निर्माण कार्य में ठेकेदारी लेकर अनियमितता करने के आरोप लगाए गए हैं।
इसके अलावा, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि कब्जाने की भी शिकायत की गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर शासकीय राशि की वसूली की जाए।

हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग दिखाकर योजनाओं का लाभ लेना शासन के नियमों के खिलाफ है और यह सीधा-सीधा धोखाधड़ी का मामला है।

मंडल अध्यक्ष मीडिया को किया गुमराह

वहीं, इस पूरे मामले में जब मंडल अध्यक्ष रामसजीवन कचेर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो मीडिया को ही गुमराह  करते हुए उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके माता-पिता अलग-अलग गांव में निवास करते हैं, इसलिए उन्हें अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला है और इसमें कोई गलत बात नहीं है,लेकिन मंडल अध्यक्ष महोदय आपको यह पता नही है की यह लाभ एक परिवार के लिए है न कि एक व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए, आपको बता दें कि विभागीय लोगों की माने तो ये ऐसी योजना है जो एक परिवार के लिए बना है, ऐसा लाभ कोई भी व्यक्ति नहीं ले सकता,
मामला जो कुछ भी यह जांच का विषय है,अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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