लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लापरवाही पर तीन पंचायत सचिवों पर अर्थदंड की कार्यवाही
सीधी
मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत सेवाओं के समयबद्ध प्रदाय में लापरवाही बरतने पर जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं द्वितीय अपील प्राधिकारी द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए तीन पंचायत सचिवों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही संबंधित हितग्राहियों को 500-500 रुपये प्रतिकर दिए जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से विभागीय पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाना अनिवार्य है। इसके बावजूद योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की अधिसूचित सेवाओं जन्म/विवाह पंजीयन (अप्राप्यता प्रमाण पत्र) से संबंधित आवेदन समय-सीमा के बाद भी लंबित पाए गए, जिससे हितग्राहियों को समय पर सेवा का लाभ नहीं मिल सका। इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
प्रकरण में रामनरेश साकेत, सचिव ग्राम पंचायत वस्तुआ (जनपद पंचायत कुसमी), श्याम सरोज सिंह, सचिव ग्राम पंचायत कोटदरखुर्द (जनपद पंचायत सीधी) एवं मनोज कुमार सिंह, सचिव ग्राम पंचायत मेडरा (जनपद पंचायत मझौली) द्वारा सेवा प्रदाय में लापरवाही पाए जाने पर अधिनियम की धारा 7(1)(क) के तहत 500-500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही संबंधित हितग्राहियों को 500-500 रुपये प्रतिकर प्रदान किए जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अर्थदंड की राशि निर्धारित शासकीय मद में जमा कर चालान की प्रति तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अधिरोपित राशि जमा होने तक संबंधित सचिवों का वेतन भुगतान प्रतिबंधित रहेगा। यदि राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी भी उत्तरदायी होंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। जनहित के कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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