सीधी का कटहल पहुंचा दिल्ली, महिलाओं ने रचा आत्मनिर्भरता का नया इतिहास
सीधी
सीधी जिले की ग्रामीण महिलाओं ने आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई मिसाल कायम की। स्थानीय उत्पादक समूहों की महिलाओं के प्रयासों से पहली बार जिले का कटहल देश की सबसे बड़ी फल एवं सब्ज़ी मंडियों में शामिल दिल्ली की आजादपुर मंडी तक पहुँचा।
यह उपलब्धि आजीविका मिशन सीधी एवं इंस्टीट्यूट ऑफ लाइवलीहुड रिसर्च एंड ट्रेनिंग द्वारा संचालित “भू-दृश्य पुनर्स्थापन एवं मूल्य श्रृंखला बाजार विकास परियोजना” के माध्यम से संभव हो सकी।
अनन्या, महिमा, रूपा और कृष्णा उत्पादक समूह की महिलाओं के लिए यह अवसर गर्व और उत्साह से भरा रहा। समूह की सदस्य बाबी बैगा ने बताया कि परियोजना के सहयोग से उनके क्षेत्र का कटहल पहली बार राष्ट्रीय स्तर के बड़े बाजार तक पहुँचा है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान प्राप्त होगी।
इस पहल से न केवल किसानों और महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे, बल्कि उनकी आय में वृद्धि और आर्थिक स्थिति में मजबूती भी आएगी। सफलता से उत्साहित समूह की महिलाएं अब नियमित रूप से कटहल की आपूर्ति के लिए तैयार हैं।
इस अवसर पर आजीविका मिशन के परियोजना प्रबंधक श्री पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में कटहल उत्पादन एवं विपणन के नए आयाम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं परियोजना प्रबंधक श्री हिमांशु भारद्वाज ने कटहल के लिए स्थायी एवं व्यापक बाजार विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में राजीव जायसवाल, राजबहोर दिवान, अनिता गुप्ता, सावित्री सिंह सहित उत्पादक समूहों की सदस्य मंजू सिंह, कलावती सिंह एवं प्रिंशु सिंह उपस्थित रहे।
ग्रामीण महिलाओं की यह पहल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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