गोतरा ग्राम पंचायत में करोड़ों के घोटाले का आरोप, सरपंच सचिव पर नहीं हुई कार्यवाही
रवि शुक्ला,सीधी
जिले के कुसमी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत गोतरा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत कर जांच की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा 7 बिंदुओं पर लिखित आवेदन देते हुए सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक पर बिना कार्य कराए फर्जी बिल, वाउचर और मस्टर रोल के जरिए राशि आहरित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई निर्माण कार्य केवल कागजों में दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। शिकायत में उल्लेख किया गया कि राजकुमार साहू के घर के पास दिखाया गया डगपौण्ड निर्माण कार्य स्थल पर कभी हुआ ही नहीं, फिर भी फर्जी मस्टर रोल के माध्यम से राशि आहरित कर ली गई।
इसी तरह स्टॉप डैम निर्माण के दो अलग-अलग कार्यों में जल संसाधन विभाग द्वारा पहले ही लाखों रुपये खर्च किए जा चुके थे, लेकिन पंचायत ने उन्हीं कार्यों को पुनः नए नाम से स्वीकृत कराकर मनरेगा पोर्टल पर फर्जी वाउचर के जरिए दोबारा भुगतान निकाल लिया।
पीसीसी सड़क निर्माण में भी गड़बड़ी सामने आई है, जहां एक ही सड़क को अलग-अलग योजनाओं के तहत दिखाकर दो बार भुगतान निकाले जाने का आरोप है। देवी मंदिर परिसर में समतलीकरण कार्य भी दोहरी योजना से कराकर राशि आहरण करने की शिकायत की गई है।
ग्रामीणों ने वर्ष 2023-24 से अब तक पांचवे वित्त, सोलहवें वित्त एवं पंच परमेश्वर योजना के तहत कराए गए सभी कार्यों की ई-भुगतान के आधार पर जांच कराने की मांग की है।
धारा 40 के तहत नोटिस, फिर भी कार्रवाई नहीं
जिला पंचायत सीधी द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत सरपंच फूलबाई पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पत्र क्रमांक 1265 दिनांक 12 नवंबर 2025 में जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि भी की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जल संसाधन विभाग द्वारा बिना सक्षम स्वीकृति के कार्य कराए गए और लगभग 90.12 लाख रुपये की राशि मनरेगा से व्यय की गई, जो नियमों के विपरीत है। इसके बावजूद आज तक सरपंच पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। सूत्रों ने बताया की शिकायत के बाद भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पुराने कार्यकाल में भी गबन के आरोप
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2010-15 के कार्यकाल में भी सरपंच फूलबाई पनिका पर आंगनबाड़ी भवन निर्माण के नाम पर लगभग 25 लाख रुपये निकालने का आरोप है, जबकि आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ.गांव के बच्चे आज भी पेड़ के नीचे या घरों में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं.यह भी आरोप है कि वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में नामांकन के दौरान सरपंच ने अपने ऊपर बकाया राशि की जानकारी छुपाई।
जांच करने पहुंची टीम
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला पंचायत की टीम हाल ही में जांच के लिए गांव पहुंची थी। सूत्रों के मुताबिक, जांच में अधिकांश शिकायतें सही पाई गईं, केवल पार्कुलेशन टैंक निर्माण को छोड़कर अन्य सभी मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही यदि नामांकन में तथ्य छुपाना सिद्ध होता है तो सरपंच का निर्वाचन निरस्त किया जाए।

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