बोदारी टोला आवास घोटाले में नए खुलासे: आधा दर्जन बैगा परिवारों ने मजदूरी राशि हड़पने का लगाया आरोप
रवि शुक्ला, सीधी
मझौली जनपद की ग्राम पंचायत बोदारी टोला में चर्चित पीएम आवास एवं जनमन योजना से जुड़े कथित घोटाले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब गांव के कई आदिवासी बैगा परिवारों ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन उन्हें मजदूरी मद की राशि आज तक नहीं मिली।
ग्रामीणों का कहना है कि जनमन योजना के तहत आवास निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान भी किया जाना था, लेकिन पंचायत स्तर पर बार-बार दस्तावेज जमा कराने के बावजूद मजदूरी राशि उनके खातों में नहीं पहुंची।
"छत डलवा ली, मजदूरी नहीं मिली"
ग्राम निवासी सीतावती बैगा ने बताया कि उन्होंने जून-जुलाई में अपने आवास की छत डलवा ली थी, लेकिन मजदूरी की राशि आज तक नहीं मिली। उनका कहना है कि रोजगार सहायक नीतेश पांडेय से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला।
वहीं दिनेश बैगा ने बताया कि दिसंबर में उनका मकान बनकर तैयार हो गया था। मजदूरी राशि के बारे में पूछने पर उनसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और समग्र आईडी की प्रतियां जमा कराई गईं, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ।
लल्ला बैगा ने बताया कि वर्ष 2024 में स्वीकृत आवास का निर्माण उन्होंने उसी वर्ष पूरा कर लिया था। कई बार बैंक खाता जांचने के बाद भी मजदूरी राशि नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक सचिव द्वारा 10 लोगों के आधार कार्ड जमा कराने को कहा गया था, लेकिन उसके बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ।
पहली किस्त के बाद नहीं मिली दूसरी राशि
ग्रामीण दूदल बैगा ने बताया कि उन्हें केवल पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद कोई राशि नहीं आई। कई बार पंचायत और संबंधित लोगों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।
प्रसाद साकेत मामले में भी गंभीर आरोप
चर्चित आवास घोटाले से जुड़े प्रसाद साकेत के परिवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रसाद साकेत की पत्नी फुल्ली साकेत ने कहा कि उन्हें आवास नहीं मिला और आवास की राशि भी निकाल ली गई। आवास आया था पैसा नहीं मिला कोई पैसा खा लिया।
प्रसाद साकेत के नाती ओमप्रकाश साकेत ने आरोप लगाया कि उनके बाबा के नाम से आवास और मजदूरी की राशि निकाल ली गई, जबकि आवास का निर्माण नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि गांव के ही ज्ञानेंद्र पाण्डेय द्वारा उनके बाबा को चमरा डोल मनीष गुप्ता के यहां ले जाकर खाते से 75 हजार रुपये निकलवाए गए।
ओमप्रकाश ने रोजगार सहायक नीतेश पांडेय पर भी पंचायत की आईडी ज्ञानेंद्र पाण्डेय को संचालित करने देने का आरोप लगाया है।
सही जांच हुई तो कई और खुलासों की संभावना
ग्रामीणों के बताए अनुसार प्रसाद साकेत के मामले के अलावा जनमन योजना के तहत स्वीकृत कई आवासों में मजदूरी राशि के भुगतान में अनियमितताएं हुई हैं। यदि ग्राम पंचायत बोदारी टोला की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई संभव है। फिलहाल मामला जांच का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि समाचार के प्रकाशन और ग्रामीणों के आरोपों के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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