मंडल अध्यक्ष मामले पर 3 सदस्यीय जांच टीम गठित,माता-पिता की अलग-अलग आईडी बनवाकर पीएम आवास, बीपीएल और पेंशन का दोहरा लाभ लेने का लगा था आरोप

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मंडल अध्यक्ष मामले पर 3 सदस्यीय जांच टीम गठित,माता-पिता की अलग-अलग आईडी बनवाकर पीएम आवास, बीपीएल और पेंशन का दोहरा लाभ लेने का लगा था आरोप


मंडल अध्यक्ष मामले पर 3 सदस्यीय जांच टीम गठित,माता-पिता की अलग-अलग आईडी बनवाकर पीएम आवास, बीपीएल और पेंशन का दोहरा लाभ लेने का लगा था आरोप


मझौली
सीधी जिले के मझौली जनपद क्षेत्र से सत्ताधारी दल के एक मंडल अध्यक्ष से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। खड़ौरा के भाजपा मंडल अध्यक्ष रामसजीवन कचेर पर शासकीय योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर अपने ही माता-पिता को अलग-अलग हितग्राही दिखाकर दोहरा लाभ दिलाने के आरोप लगे हैं।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जनपद पंचायत मझौली एवं एसडीएम को कलेक्टर सीधी के नाम शिकायत सौंपी थी। शिकायत के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मझौली द्वारा 3 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।
जांच टीम में शामिल अधिकारी:रामबहोर साकेत (पीसीओ),इंद्रलाल सिंह (उपयंत्री),राजेंद्र मिश्रा (बीसी आवास) शामिल हैं,जांच टीम का गठन 2 मई 2026 को किया गया है और उन्हें 3 दिनों के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

शिकायती पत्र के अनुसार, मंडल अध्यक्ष ने अपने माता-पिता की समग्र आईडी अलग-अलग ग्राम पंचायतों में बनवाकर उन्हें अलग-अलग परिवार के रूप में दर्शाया। इसके आधार पर दोनों को राशन, पेंशन, बीपीएल सूची और प्रधानमंत्री आवास योजना का अलग-अलग लाभ दिलाया गया।पिता छोटेलाल कचेर का नाम ग्राम पंचायत तिलवारी में दर्ज है, जहां से वे पेंशन और राशन ले रहे हैं। माता चन्द्रवती कचेर का नाम ग्राम पंचायत छुही में दर्ज है, जहां से उन्हें भी पेंशन, राशन और बीपीएल का लाभ मिल रहा है।दोनों के नाम पर अलग-अलग प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत कराए गए हैं।

अन्य गंभीर आरोप भी लगे

ग्रामीणों ने शिकयाती पत्र यह भी आरोप लगाया है कि मंडल अध्यक्ष ने पंचायत अधिकारियों पर दबाव बनाकर शासकीय राशि अपने खाते में डलवाई, अन्य हितग्राहियों की मजदूरी हड़पी और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं कीं। इसके अलावा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन कब्जाने के आरोप भी लगाए गए हैं.अब देखना होगा कि जांच टीम की रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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