प्रभारी प्राचार्य पर फिर उठे सवाल, कॉलेज में ध्वजारोहण की औपचारिकता कर निजी संस्थान में ध्वजारोहण का आरोप
रवि शुक्ला,मझौली।
शासकीय महाविद्यालय मझौली की प्रभारी प्राचार्य एक बार फिर आरोपों और चर्चाओं के केंद्र में हैं। हाल ही में महाविद्यालय में भ्रष्टाचार तथा कथित रूप से पैसे लेकर अतिथि विद्वान की भर्ती किए जाने के आरोपों को लेकर मामला सुर्खियों में रहा था। हालांकि प्रभारी प्राचार्य की ओर से इन आरोपों पर सफाई दी गई है। वहीं, अब राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन को लेकर भी प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है की विगत कई वर्षों से 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर महाविद्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम महज औपचारिकता तक सीमित रह जाता है। आरोप लगाया जा रहा है कि प्रभारी प्राचार्य महाविद्यालय में औपचारिक रूप से ध्वजारोहण करने के बाद निजी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होती हैं।
कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी सवाल
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर महाविद्यालय में रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन नहीं किया जाता। उनका कहना है कि महाविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में राष्ट्रीय पर्व विद्यार्थियों के लिए देशभक्ति, संविधान और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होते हैं, लेकिन यहां आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित रहने की चर्चा है।
स्टाफ और चपरासी को निजी संस्थान ले जाने का भी आरोप
प्रभारी प्राचार्य को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर वे महाविद्यालय के कुछ स्टाफ सदस्यों और चपरासी के साथ निजी संस्थान एवं पेट्रोल पंप परिसर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में पहुंचती हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
जांच की मांग, सामने आए तथ्य तो हो कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि यदि महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं तो संबंधित विभाग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
फिलहाल, राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों ने शासकीय महाविद्यालय मझौली की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित उच्चाधिकारी इस मामले को लेकर कोई जांच या स्पष्टीकरण की कार्रवाई करते हैं या नहीं। निजी संस्थान में ध्वजारोहण और स्टाफ/चपरासी को साथ ले जाने वाले आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है मामला जो कुछ भी हो यह जांच का विषय है ।

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