नगाड़े की मंगल ध्वनि एवं भक्ति संगीत से समारोह का श्रीगणेश

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नगाड़े की मंगल ध्वनि एवं भक्ति संगीत से समारोह का श्रीगणेश



नगाड़े की मंगल ध्वनि एवं भक्ति संगीत से समारोह का श्रीगणेश


 उज्जैन ।
 त्रिदिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह के पूर्वरंग नांदी कार्यक्रम में पं.सूर्यनारायण व्यास संकुल में श्री नरेन्द्र कुशवाह के निर्देशन में नगाड़ा मंगल ध्वनि वादन हुआ। इसके पश्चात् प्रसिद्ध निर्गुणी भजन गायक श्री सुन्दरलाल एवं साथियों ने भजनों की प्रस्तुति दी।

 नांदी कार्यक्रम के अतिथि विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.बालकृष्ण शर्मा थे। आपने कलाकारों का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया और कहा कि कालिदास ने मेघदूत में महाकाल की आराधना में नगाड़ा वादन का वर्णन किया है। अर्थात् नगाड़ा के रूप में हमारी संस्कृति में स्वीकार्य किया जाता है। श्री नरेन्द्र कुशवाहा और साथियों ने सामूहिक नगाड़ा वादन करते हुए बंदिशों का वादन किया और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। श्रीमती प्रतिभा दवे और डॉ.योगेश्वरी फिरोजिया ने सभी कलाकारों का स्वागत किया।

 नांदी की दूसरी प्रस्तुति में श्री सुन्दरलाल मालवीय और साथियों ने कालिदास के व्यक्तित्व पर स्वरचित रचना का गायन करते हुए अपने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही संत कबीर के भजनों की प्रस्तुति भी की। हारमोनिय, तबला, ढोलक, मंजीरा, बांसुरी की मधुर ध्वनियों के साथ आपके गायन ने कार्यक्रम को शिखर पर पहुंचाया। 

 विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय एवं कालिदास समिति के सचिव प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा ने कलाकारों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन श्री सुदर्शन अयाचित ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ.सन्तोष पण्ड्या ने किया।

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