कोरोना वॉलेंटियर्स के प्रयास असर: इस गाँव में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हैंड पम्प पर भी महिलाएँ भर रही पानी

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कोरोना वॉलेंटियर्स के प्रयास असर: इस गाँव में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हैंड पम्प पर भी महिलाएँ भर रही पानी



कोरोना वॉलेंटियर्स के प्रयास असर: इस गाँव में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हैंड पम्प पर भी महिलाएँ भर रही पानी
 

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर 'मैं कोरोना वॉलेंटियर' योजना में एक लाख से ज्यादा कोरोना वॉलेंटियर्स जन-जागरूकता अभियान से जुड़ चुके हैं। कोरोना के प्रति जागरूकता लाने के लिये स्थानीय जिला प्रशासन के साथ मिलकर मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद, समाज सेवी संस्थाओं और महिला स्व-सहायता समूहों के वॉलेंटियर्स द्वारा प्रचार-प्रसार की विभिन्न प्रभावी गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। इसके परिणाम अब गाँव-गाँव में दिखने लगे है। कोरोना संक्रमण के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता तो आई ही है, साथ ही वे अब अपने गाँव को कोरोना से बचाने के लिये स्व-प्रेरणा से जनता कर्फ्यू लगाकर गाँव को लॉक भी कर रहे है। प्रदेश की 22 हजार 811 ग्राम पंचायतों में से 93 प्रतिशत ग्राम पंचायतों ने जनता कर्फ्यू लगाने का संकल्प लिया है। कई ग्राम पंचायतों ने जागरूकता की मिसाल भी कायम की है।

'जीजी मो से दूर रहियो, नइ तो कोरोना चिपक जाएगो'

गुना जिले के ग्राम नयागाँव में वैसे तो हैंडपंप पर महिलाएँ एकत्र हो कर पानी भरा करती थी। लेकिन आज दृश्य बिल्कुल बदला हुआ है। अब गाँव के हैंडपंप पर महिलाएँ तो आती हैं, पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ और पानी भी भरती है तो बारी-बारी से। महिलाओं ने कोरोना वॉलेंटियर्स द्वारा दी गई समझाइश पर हैंडपंप के चारों तरफ गोले बना कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही है। पानी भरने आई सभी महिलाएँ एक दूसरे को कोरोना से बचने की सलाह भी दे रही है। ग्राम नयागाँव की महिलाएँ आपस में बातचीत कर यह जरूर कहती है कि 'जीजी मो से दूर रहियो, नइ तो कोरोना चिपक जाएगो'

सेम्पलिंग कार्य में सहयोगी बने कोरोना वॉलेंटियर्स

श्योपुर जिले में कोरोना वॉलेंटियर्स जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोगी की भूमिका निभा रहें है। यहाँ कोरोना वॉलेंटियर्स सेम्पलिंग कार्य में सहयोग देकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करवा रहे हैं। जन अभियान परिषद और नेहरू युवा केन्द्र के वॉलेंटियर्स जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सक्रिय है। उनके द्वारा कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिये सभी को विभिन्न माध्यमों से संदेश देने का कार्य भी बखूबी किया जा रहा है। कोविड मरीजों की सहायता में भी कोरोना वॉलेंटियर्स समाज-सेवक के रूप में नि:स्वार्थ सेवाएँ दे रहे है। जन-अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती नेहा सिंह ने बताया कि 'मैं कोरोना वॉलेटियर' अभियान से जुड़े सभी युवा यही संकल्प के साथ काम कर रहे है कि जो भी हो, लोगों को बचाना है और कोरोना को मात देना है। कोरोना वॉलेंटियर्स 'योग से निरोग' अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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