6 साल के बेटे को जिम्मेदारी सौपकर मां ने तोड़ा दम,गरीबी और हालात ने छीनी जिंदगी

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6 साल के बेटे को जिम्मेदारी सौपकर मां ने तोड़ा दम,गरीबी और हालात ने छीनी जिंदगी


6 साल के बेटे को जिम्मेदारी सौपकर मां ने तोड़ा दम,गरीबी और हालात ने छीनी जिंदगी
 

सीधी। जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत भदौरा गांव से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां विपरीत परिस्थितियों और आर्थिक तंगी से जूझ रही एक महिला ने दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पति के जेल में होने के कारण महिला का अंतिम संस्कार उसके 6 वर्षीय मासूम बेटे को करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका गायत्री गुप्ता (30) पति लखन गुप्ता के चार बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है।तीन बच्चे मां के साथ रह रहे थे। करीब दो माह पूर्व किसी प्रकरण में पति लखन गुप्ता को जेल जाना पड़ा था। ग्रामीणों के अनुसार, यह मामला संदिग्ध और संभवतः फर्जी बताया जा रहा है, लेकिन आर्थिक कमजोरी और पैरवी के अभाव में वह जेल से बाहर नहीं आ सका।

पति के जेल जाने के बाद गायत्री गुप्ता पर तीन बच्चों की जिम्मेदारी आ गई। आर्थिक तंगी के चलते परिवार भुखमरी जैसी स्थिति से गुजरने लगा। लगातार तनाव और अभावों के बीच महिला की तबीयत बिगड़ती गई और आखिरकार 6 अप्रैल को उसने दम तोड़ दिया।

गांव वालों के अनुसार, महिला ने अंतिम समय में अपने छोटे बेटे को जिम्मेदारी सौंपते हुए पानी पीकर अंतिम सांस ली। पति के जेल में होने के कारण वह अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार भी नहीं कर सका। ऐसे में ग्रामीणों ने मिलकर महिला का अंतिम संस्कार कराया, जिसमें 6 वर्षीय बेटे ने अपनी मां को मुखाग्नि दी।

यह घटना कई सवाल खड़े करती है। यदि पति दोषी है या नहीं, यह निर्णय न्यायालय करेगा, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक महिला और उसके मासूम बच्चों को जो पीड़ा झेलनी पड़ी, वह बेहद चिंताजनक है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान की जाए और बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाई जाए।अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।

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