सीधी: बैंक से पैसा निकालने वालों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश
सीधी
पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने शहर में वाहन की डिग्गी तोड़कर लाखों की चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह को बेनकाब किया है। पुलिस ने दो कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की राशि और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त किए हैं।
घटनाक्रम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
हाल के दिनों में कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बैंक से मोटी रकम निकालकर जाने वाले नागरिकों के साथ उठाईगिरी और वाहनों की डिग्गी तोड़कर चोरी करने की सनसनीखेज घटनाएं सामने आई थीं। अज्ञात आरोपियों द्वारा अंजाम दी गई इन वारदातों को पुलिस अधीक्षक सीधी ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपियों की धरपकड़ हेतु निर्देशित किया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी मुख्यालय श्री अमन मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के साथ विशेष टीम गठित की गई।
विशेष टीम ने विवेचना के दौरान घटनास्थलों के आसपास के लगभग 50 से अधिक CCTV कैमरों की गहन मैपिंग की और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर उनका पीछा शुरू किया। "तकनीकी सर्विलांस" के माध्यम से पुलिस टीम ने आरोपियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अत्यंत शातिर हैं और बैंक के अंदर से ही ग्राहकों की रेकी करना शुरू कर देते थे। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और सूचना मिलते ही घेराबंदी कर दो शातिर अंतरराज्यीय अपराधियों को दबोच लिया। आरोपियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ, जिसमें वे सुनसान जगह पाकर चंद सेकंडों में मास्टर-की या औजारों की मदद से डिग्गी तोड़कर रफूचक्कर हो जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
रवि उर्फ बदल कंजर पिता जगदीश कंजर, निवासी- चुवाही, थाना मझौली।
रन्नो उर्फ रंजीत कंजर पिता रामसेवक कंजर (उम्र 40 वर्ष), निवासी- भोलगढ़, जिला अनूपपुर।
बरामदगी एवं जप्त मशरूका:
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
नगद राशि: ₹10,000/- (दस हजार रुपये)।
अपराध में प्रयुक्त वाहन: एक पल्सर मोटरसाइकिल (कीमती लगभग ₹1,00,000/-)।
चोरी के पैसों से खरीदी गई एक नई हौंडा sp 125 मोटरसाइकिल
(कीमती लगभग ₹90,000/-)।
अपराधिक रिकॉर्ड:
पकड़े गए आरोपियों का लंबा अपराधिक इतिहास रहा है। इनके विरुद्ध विभिन्न जिलों के थानों में एक दर्जन से अधिक गंभीर किस्म के अपराध पंजीबद्ध हैं। पुलिस अब इनसे अन्य अनसुलझी वारदातों के संबंध में भी सघन पूछताछ कर रही है।
सराहनीय टीम:
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय, उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी, प्रधान आरक्षक आनंद शर्मा, प्रधान आरक्षक तिलक राज सिंह एवं आरक्षक अनुराग यादव का विशेष योगदान रहा। पूरी टीम को उनकी कार्यकुशलता के लिए उत्साहवर्धन हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा उचित पुरस्कार से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।
इनका कहना है
"यह गिरोह अत्यंत शातिर है जो बैंकों में ग्राहकों की रेकी करता था और मौका मिलते ही चंद सेकंड में डिग्गी तोड़कर फरार हो जाता था। हमारी टीम ने तकनीकी दक्षता और ज़मीनी सूचनाओं के मेल से इन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की है। इन आरोपियों पर पूर्व से एक दर्जन से अधिक अपराध दर्ज हैं। प्रारंभिक पूछताछ एवं जांच में आरोपियों ने थाना कोतवाली के दो मामलों के अतिरिक्त, थाना रामपुर नैकिन (जिला सीधी) के एक मामले एवं थाना विजयराघवगढ़ (जिला कटनी) के एक मामले में घटना कारित करना स्वीकार किया है। हम जनता से अपील करते हैं कि बैंक से बड़ी राशि ले जाते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।"
संतोष कोरी
पुलिस अधीक्षक सीधी

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