अंगूठा लगवाकर गरीबों का खाद्यान्न डकार गया विक्रेता, ग्रामीणों ने विक्रेता को हटाने की उठाई मांग, जांच करने मौके पर पहुंचे अधिकारी

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अंगूठा लगवाकर गरीबों का खाद्यान्न डकार गया विक्रेता, ग्रामीणों ने विक्रेता को हटाने की उठाई मांग, जांच करने मौके पर पहुंचे अधिकारी




अंगूठा लगवाकर गरीबों का खाद्यान्न डकार गया विक्रेता, ग्रामीणों ने विक्रेता को हटाने की उठाई मांग, जांच करने मौके पर पहुंचे अधिकारी



रवि शुक्ला,मझौली

सीधी जिले के मझौली उपखंड क्षेत्र के एक उचित मुख्य की दुकान नारो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन विक्रेता ने लगभग सैकड़ों गरीब हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर उनके हिस्से का खाद्यान्न खुद ही हड़प लिया. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें नियमित रूप से राशन नहीं मिल रहा है, जबकि रिकॉर्ड में वितरण दिखाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि विक्रेता द्वारा मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें अनाज नहीं दिया गया. जब लोगों ने इसका विरोध किया तो उन्हें टालमटोल कर दिया गया. इससे नाराज होकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर विक्रेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उसे तत्काल हटाने की मांग की।


विक्रेता को हटाने ग्रामीणों ने की मांग

गरीबों के थाली का निवाला छीनने वाले नारो विक्रेता वीरबहादुर सिंह को ग्रामीणों ने हटाने की मांग की ग्रामीणों ने कहा कि विक्रेता को यहां से हटाया जाए, जब से ये यहां है तब से हम लोगों को परेशान हो रहे हैं, ग्रामीणों ने बताया कि महीने में एक या दो दिन दुकान खुलती है अंगूठा लगवाने के बाद खाद्यान्न न होने का बहाना बताकर घर भेज दिया जाता है।


ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे अधिकारी 


नारो पंचायत के ग्रामीणों को 4 महीने से खाद्यान्न नहीं मिलने पर सरपंच और उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे,अधिकारियों ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए और वितरण रजिस्टर व मशीन की जांच शुरू की, प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं,
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और हितग्राहियों को उनका हक दिलाया जाएगा,
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मझौली अभिषेक सनोदिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच की है सभी हितग्राहियों के कथन दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारों को रिपोर्ट भेजा जाएगा, यहां लगभग 80 प्रतिशत लोगों को खाद्यान्न नहीं दिया है जो भी जांच उपरांत तथ्य आयेगा कार्यवाही की जाएगी। अगर विक्रेता द्वारा खाद्यान्न नहीं दिया गया होगा तो हितग्राहियों को खाद्यान्न दिलवाया जाएगा।

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