पथरौला में युवा संवाद, मेधावी सम्मान समारोह का हुआ आयोजन, कलेक्टर की बेटी के विचारों ने किया प्रभावित
रवि शुक्ला,मझौली।
मझौली विकासखंड के शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पथरौला में शुक्रवार को आयोजित “विकसित सीधी 2047 : युवा संवाद, चुनौतियां और समाधान” कार्यक्रम जिले के भविष्य को युवाओं की दृष्टि से समझने और गढ़ने की एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा। कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत 2047, विकसित मध्यप्रदेश 2047 और विकसित सीधी 2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाना था।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम एवं कलेक्टर विकास मिश्रा से शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, खेल सुविधाओं, अधोसंरचना और जिले के समग्र विकास से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विकसित सीधी के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
संवाद के दौरान युवाओं ने अपने विचार और सुझाव रखे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जिले की युवा पीढ़ी केवल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं कर रही, बल्कि विकास प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उनके सुझावों ने जिले के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच और नवाचार की संभावनाओं को मजबूती दी।
मेधावी विद्यार्थियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मझौली एवं कुसमी विकासखंड के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाजसेवियों का भी सम्मान किया गया। सम्मान समारोह ने विद्यार्थियों को शिक्षा, सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
दिवा मिश्रा के विचारों ने किया प्रभावित
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कलेक्टर विकास मिश्रा की कक्षा पांचवीं में अध्ययनरत पुत्री दिवा मिश्रा के विचार रहे। उनकी सरल, संवेदनशील और दूरदर्शी सोच ने उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों को प्रभावित किया। उनके विचारों ने यह संदेश दिया कि समाज और देश के लिए सकारात्मक सोच रखने की कोई उम्र नहीं होती।
मिलेट फेस्टिवल ने दिया स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर आयोजित मिलेट फेस्टिवल में स्थानीय मोटे अनाजों से बने विभिन्न व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही इनके पोषण महत्व और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी दी गई। इस पहल ने विकसित सीधी की अवधारणा को शिक्षा और अधोसंरचना से आगे बढ़ाकर स्वास्थ्य, पोषण, स्थानीय कृषि और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया। विद्यार्थियों और नागरिकों ने मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई।
युवाओं की भागीदारी से साकार होगा विकसित सीधी का सपना
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि विकसित सीधी 2047 का सपना तभी साकार होगा, जब युवा वर्ग विकास प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनेगा। जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह पहल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आगे भी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक युवा संवाद से जुड़कर जिले के विकास में अपनी भूमिका तय कर सकें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र विनय मिश्रा तथा शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पथरौला के प्राचार्य शैलेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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