जेपी निगरी प्लांट के ट्रांसपोर्ट यार्ड पर लापरवाही, सड़क किनारे खड़े वल्कर वाहनों से हादसे का खतरा बढ़ा
रवि शुक्ला,सीधी
जिले के टिकरी में बने जेपी निगरी प्लांट का ट्रांसपोर्ट यार्ड की अव्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। यार्ड में खड़े होने वाले वल्कर वाहन अब सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां कई बार हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि भारी वाहन आधे सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है और छोटे वाहनों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टिकरी–महुआ गांव मार्ग पहले से ही व्यस्त सड़क है, जहां कंपनी के वाहनों के साथ अन्य भारी वाहन भी लगातार चलते हैं। ऐसे में सड़क पर खड़े ट्रकों के कारण खतरा और बढ़ जाता है।
वहीं, ट्रांसपोर्ट यार्ड में धूल का गुबार भी बड़ी समस्या बना हुआ है। यार्ड में नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण धूल उड़ती रहती है, जिससे वाहन चालक सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हो जाते हैं। इससे न सिर्फ यातायात प्रभावित होता है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि धूल के कारण उन्हें एलर्जी, खांसी और दमा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर कई बार समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित की गईं और जिम्मेदार अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने की मांग भी की गई।
हालांकि, खबर प्रकाशित होने के बाद कंपनी प्रबंधन कुछ दिनों तक सक्रियता दिखाता है और यार्ड में पानी का छिड़काव कराया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इस बार भी खबर के बाद जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकता निभाएंगे या फिर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन जल्द ही इस ओर ठोस कदम उठाएंगे, ताकि सड़क पर होने वाले हादसों और प्रदूषण से राहत मिल सके।

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