जिनके भरोसे थी मझौली की स्वास्थ्य व्यवस्था, उन्हीं डॉक्टरों का हुआ तबादला
रवि शुक्ला,मझौली।
मझौली क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने वाले दो प्रमुख डॉक्टरों के तबादले से एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता गहरा गई है। जिन डॉक्टरों के भरोसे मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचते थे, उनके स्थानांतरण के बाद व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, डॉ. राकेश तिवारी और डॉ. संदीप शुक्ला की मूल पदस्थापना मड़वास में थी, लेकिन बाद में उन्हें मझौली में पदस्थ किया गया था। दोनों चिकित्सकों के प्रयासों से मझौली और मड़वास की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला था। डॉ. राकेश तिवारी ने मड़वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कई वर्षों तक सेवाएं देते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया। बाद में मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ होकर उन्होंने पूरी निष्ठा और सेवा भाव से मरीजों का उपचार किया। वहीं, डॉ. संदीप शुक्ला के मड़वास आगमन के बाद वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में भी तेजी से सुधार हुआ। इसके पश्चात उन्हें मझौली में बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) का प्रभार सौंपा गया।दोनों डॉक्टरों ने 24 घंटे सेवाएं देकर क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया, जिससे लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर मजबूत हुआ। अब डॉ. राकेश तिवारी का तबादला जिला अस्पताल सीधी में कर दिया गया है, जबकि डॉ. संदीप शुक्ला को पुरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (रीवा) भेजा गया है। इधर, नई व्यवस्था के तहत महिला चिकित्सक डॉ. तमिल ओमुदू की पदस्थापना कर उन्हें बीएमओ का प्रभार सौंपा गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि भाषा की समस्या सामने आ सकती है, क्योंकि वे हिंदी में सहज नहीं हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश मरीज बघेली बोली में अपनी समस्या बताते हैं। ऐसे में उपचार प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थिति यह है कि मड़वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है, जबकि मझौली में बीएमओ सहित केवल दो डॉक्टर ही शेष बचे हैं। इन तबादलों के बाद क्षेत्र में निराशा का माहौल है। क्षेत्रवासियों में चर्चा है कि जिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाया, उनके जाने से एक बार फिर समस्याएं बढ़ सकती हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि जल्द से जल्द और चिकित्सकों मड़वास और मझौली में की नियुक्ति की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू बनी रहें।

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