पूर्व मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: “कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता”
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Uma Bharti ने राजधानी Bhopal में आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण बेहद जरूरी है और “कोई माई का लाल इसे खत्म नहीं कर सकता।”
मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित ‘राजा हिरदेशाह लोधी शौर्य यात्रा’ को संबोधित करते हुए उमा भारती ने आरक्षण नीति का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय हासिल करने का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय समाज में अभी भी जातिगत भेदभाव और आर्थिक असमानता मौजूद है, जिसे खत्म करने के लिए व्यापक सामाजिक बदलाव जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से बराबरी नहीं आएगी, बल्कि समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव भी जरूरी है। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के परिवार के बच्चे सरकारी स्कूलों में एक साथ नहीं पढ़ेंगे, तब तक वास्तविक समानता संभव नहीं है।और न ही कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता.
उमा भारती ने भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पेड़, पहाड़ और पशु-पक्षियों तक की पूजा होती है, लेकिन इसके बावजूद समाज में भेदभाव बना हुआ है। उन्होंने इसे खत्म करने के लिए “तीसरे स्वतंत्रता संग्राम” की जरूरत बताई—जो समान अधिकार और अवसर के लिए लड़ा जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने लोधी-लोधा समाज की राजनीतिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह समुदाय सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
अपने राजनीतिक जीवन को याद करते हुए उमा भारती ने कहा कि उन्होंने सिद्धांतों के लिए कई बार सत्ता छोड़ी है। उन्होंने Ram Janmabhoomi movement के दौरान इस्तीफा देने और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के लिए पद छोड़ने के फैसलों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने Narendra Modi के नेतृत्व में देश में विकास और नए दौर की शुरुआत की बात कही।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और कहा कि भविष्य में भारत इसे वापस हासिल करेगा।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री Dharmendra Singh Lodhi ने राजा हिरदेशाह की जीवनी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से परिचित हो सके। वहीं लोधी-लोधा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जलम सिंह पटेल ने पूर्व राजघरानों की उपेक्षा पर चिंता जताई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और सामाजिक एकजुटता व अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की गई।

0 टिप्पणियाँ